Haryana Sahitya Akademi: विभिन्न श्रेणियों में साहित्यकारों के नामों का ऐलान, पांडुलिपि प्रकाशन योजना के लिए भी चयन

हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी ने वर्ष 2023 के विभिन्न भाषाओं के कृति पुरस्कारों और पांडुलिपि प्रकाशन प्रोत्साहन योजनाओं के परिणामों की घोषणा कर दी है।

 
Hindi Sahitya Academy Panchkula

पंचकूला स्थित हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी ने वर्ष 2023 के लिए विभिन्न भाषाओं के प्रतिष्ठित 'कृति पुरस्कारों' की घोषणा कर दी है। हिंदी, हरियाणवी, पंजाबी, उर्दू और संस्कृत भाषा के साहित्य को संरक्षित करने की दिशा में कार्यान्वित इस श्रेष्ठ कृति पुरस्कार योजना, प्रतियोगिता और पांडुलिपि प्रकाशन प्रोत्साहन योजनाओं के परिणामों का अकादमी अध्यक्ष (मुख्यमंत्री) द्वारा अनुमोदन कर दिया गया है। चयनित पुस्तकों के लिए लेखकों को निर्धारित पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा।

✍️ विभिन्न भाषा वर्गों में इन कृतियों का हुआ चयन

अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न भाषा वर्गों में प्रमुख कृतियों का चयन किया गया है:

  • हिंदी भाषा: काव्य वर्ग में 'उभरने तो दे मुझे' (डॉ. अलका शर्मा), कहानी वर्ग में 'नर्म फाहे' (भावना सक्सेना), उपन्यास वर्ग में 'कितराह' (सुषमा गुप्ता) और नाटक वर्ग में 'भगवान वाल्मीकि-शाश्वत रामायण परिचय' (श्याम चूड़ामणि) का चयन हुआ है।

  • हरियाणवी भाषा: कथा साहित्य वर्ग में 'बदलू का ब्याह' (त्रिलोक चंद) और कविता वर्ग में 'गीता ज्ञान हरियाणवी' (डॉ. महेश कौशिक) को चुना गया है।

  • संस्कृत एवं अन्य भाषाएं: संस्कृत काव्य वर्ग में 'मनोमञ्जरी' (डॉ. जोगेन्द्र कुमार) और अंग्रेजी गद्य वर्ग में 'इन क्वेस्ट फॉर कल्चरल कंजर्वेशन' (वीपीएस राव) का चयन किया गया है।

📜 पांडुलिपि प्रकाशन प्रोत्साहन योजना के तहत 26 पांडुलिपियां चयनित

अकादमी के सदस्य सचिव मनजीत सिंह ने बताया कि पाण्डुलिपि प्रकाशन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत हिंदी, संस्कृत और पंजाबी भाषा की प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं, जिसके तहत हिंदी भाषा के विभिन्न वर्गों में कुल 26 लेखकों की पाण्डुलिपियों का चयन किया गया है। चयनित लेखकों को पुस्तक प्रकाशन के बाद पृष्ठ संख्या के आधार पर 10 हजार से 25 हजार रुपये तक की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।