Haryana Technical Education Department News: पंचकूला में हुआ एमओयू, 5 साल के इस समझौते से युवाओं के कौशल विकास को मिलेगी रफ्तार

हरियाणा सरकार और आईआईटी रोपड़ के बीच तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए समझौता। AI और रोबोटिक्स पर रहेगा जोर।
 
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पंचकूला: हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए. यह एमओयू राज्य में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता एवं प्रासंगिकता को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है. एमओयू पर स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान, सेक्टर-3, पंचकूला में हस्ताक्षर किए गए.

तकनीकी शिक्षा का मजबूत इकोसिस्टम: यह पहल हरियाणा में भविष्य के लिए तैयार, नवाचार-आधारित और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी शिक्षा का मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस सहयोग से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार, उद्यमिता और कौशल विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद जताई गई है.

एमओयू का उद्देश्य: बताया गया कि इस एमओयू का उद्देश्य फैकल्टी डेवलपमेंट, प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, पाठ्यक्रम में सुधार, नवाचार, उद्यमिता और उद्योग-उन्मुख कौशल विकास के माध्यम से तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता, प्रासंगिकता और उद्योगोन्मुखी दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना है. आईआईटी रोपड़ प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण और 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के विकास के लिए तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा. इसके अलावा फैकल्टी एवं विद्यार्थियों के लिए फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, सर्टिफिकेट कोर्स, वर्कशॉप और एक्सपोजर विजिट आयोजित करने में भी सहयोग दिया जाएगा.

इन तकनीकों पर विशेष ध्यान: दावा किया गया है कि इस आपसी सहयोग के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन, ड्रोन टेक्नोलॉजी और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग/3डी प्रिंटिंग जैसी उभरती तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. आईआईटी रोपड़ तकनीकी शिक्षा के पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलाव और आउटकम-बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा देने में भी सहयोग करेगा. इससे ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास, रोजगार क्षमता, उद्यमिता एवं स्वरोजगार पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थी और डिप्लोमा एवं डिग्रीधारक उन्नत तकनीकी ज्ञान और नवाचार के इकोसिस्टम का लाभ उठा सकें. इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर उन्हें रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता के नए अवसरों से जोड़ना है.

पांच वर्ष की अवधि: बताया गया कि यह समझौता प्रारंभिक रूप से पांच वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा और आपसी सहमति से इसे आगे बढ़ाया जा सकेगा. एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और एक संयुक्त समन्वय समिति का गठन किया जाएगा. इस सहयोग से किसी भी पक्ष पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा.

यह पदाधिकारी भी मौजूद रहे: इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक राजेश अग्रवाल, संयुक्त निदेशक डॉक्टर हरीश गुप्ता, मधु मान, नरेंद्र पाल और तकनीकी शिक्षा विभाग की उप निदेशक (एकेडमिक्स) अक्षिता गुप्ता के साथ-साथ आईआईटी रोपड़ के डीन (एकेडमिक्स) प्रो. सारंग गुमफेकर एवं अन्य अधिकारी व प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे.