हरियाणा मौसम: मानसून में कमी के आसार, टांगरी नदी में उफान से अलर्ट

हरियाणा में मानसून की गतिविधियां धीमी होने की संभावना, लेकिन नदियां उफान पर। टांगरी नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट। जानें आपके शहर के मौसम का हाल।

 
हरियाणा वेदर रिपोर्ट

हांसी : हरियाणा में मानसून अब धीमी पड़ने की ओर है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश के कई जिलों में साफ दिखाई दे रहा है. मौसम विभाग के अनुसार 11 जुलाई से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में कमी आने की संभावना है. हालांकि पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं. दूसरी ओर हिमाचल में लगातार बारिश के कारण टांगरी, घग्गर और कौशल्या जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.

हरियाणा में बारिश की गतिविधियां कम होंगी: मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि, "मानसून ट्रफ धीरे-धीरे हिमालय की तलहटी की ओर खिसक रही है. इसके चलते हरियाणा में बारिश की गतिविधियां कम होंगी और तापमान में हल्की बढ़ोतरी के साथ उमस बढ़ सकती है. दिन का तापमान बढ़ेगा जबकि रात का तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा."

टांगरी नदी उफान पर: इधर, अंबाला कैंट से गुजरने वाली टांगरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है. शाम तक नदी में करीब 30 हजार क्यूसेक पानी पहुंचने की संभावना जताई गई है. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और पानी से दूर रहने की सलाह दी है. वर्ष 2023 और 2025 की बाढ़ की यादें अभी ताजा होने के कारण नदी किनारे बसे लोगों में भय का माहौल है.

हर साल बना रहता है बाढ़ का खतरा: ऐसे में टांगरी नदी के आसपास की बस्तियों में लोगों ने एहतियात के तौर पर अपना सामान सुरक्षित स्थानों और घरों की छतों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है. तेज बहाव में कई पशु भी बहते दिखाई दिए. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बाढ़ का खतरा बना रहता है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकला. बस्ती के निवासियों ने आरोप लगाया कि हर बार प्रशासन केवल अलर्ट जारी करता है, लेकिन बाढ़ से स्थायी बचाव के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाता. वहीं कुछ महिलाओं ने कहा कि, "पानी बढ़ने से पशुओं के बाड़े भर गए हैं. मजबूरी में उन्हें ऊंचे स्थानों पर ले जाना पड़ा है."

पंचकूला में प्रशासन अलर्ट: पंचकूला में भी घग्गर, कौशल्या और टांगरी नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. नदी-नालों के किनारे जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है और लोगों से अनावश्यक रूप से जलधाराओं के पास नहीं जाने की अपील की गई है.

हिसार की कॉलोनियों में भरा पानी: हिसार में शुक्रवार शाम करीब डेढ़ घंटे हुई तेज बारिश से शहर की कई कॉलोनियां जलमग्न हो गईं. कैंप चौक पुल के नीचे करीब दो फुट तक पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कृष्णा नगर, पटेल नगर, ग्रीन पार्क, कैमरी रोड, अर्बन एस्टेट और बालसमंद क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति रही. स्थानीय निवासी विपिन राय ने कहा, "थोड़ी सी बारिश में ही कैंप चौक पर पानी भर जाता है. लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है. पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था होनी चाहिए."

हांसी में बारिश से मौसम हुआ सुहाना: उधर हांसी में पिछले दो दिनों से मौसम सुहावना बना हुआ है. आसपास के जिलों में हुई बारिश का असर यहां भी देखने को मिला, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिनों में बारिश की संभावना जताई है. हांसी निवासी लवकेश कुमार ने कहा कि, "पिछले दो दिनों से मौसम काफी सुहावना हो गया है और गर्मी से राहत मिली है." वहीं, हांसी निवासी नरेश ने कहा कि, "अगर आने वाले दिनों में बारिश होती है तो किसानों और आम लोगों दोनों को फायदा मिलेगा."

नूंह में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: बारिश ने जहां किसानों के लिए राहत की खबर दी है, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधान रहने की सलाह भी दी है. नूंह जिले के मंडीखेड़ा सिविल अस्पताल में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राकेश मदान ने कहा, "बरसात के मौसम में संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. लोग साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें और किसी भी बीमारी की स्थिति में योग्य चिकित्सक से ही इलाज कराएं."

नदी किनारे बसे इलाकों में सतर्क रहने की सलाह: मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसतन 2.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सिरसा में सबसे अधिक 38.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान हथनीकुंड क्षेत्र में 23 डिग्री सेल्सियस रहा. विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां कम होने से उमस बढ़ सकती है, लेकिन पहाड़ों में जारी बारिश के कारण नदी किनारे बसे इलाकों में सतर्कता बरतना अभी भी जरूरी रहेगा.