Wheat Procurement: बेमौसम बारिश से गेहूं की चमक फीकी, खरीद नियमों में छूट की मांग

हरियाणा में बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान। जेजेपी नेता डॉ. जसविंदर खेहरा ने सरकार से नमी और चमक (Quality Norms) के नियमों में ढील देने की मांग की।

 
कुरुक्षेत्र न्यूज़

कुरुक्षेत्र : इस वर्ष लगातार हो रही बारिश की वजह से किसानों की गेहूं की फसल को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। खेतों में खड़ी और कटी हुई फसल पर बारिश का सीधा असर पड़ा है, जिससे दाने की गुणवत्ता प्रभावित हुई है और नमी तथा चमक में कमी की समस्या बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा निर्धारित सख्त खरीद मानक किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन रहे हैं।

जेजेपी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. जसविंदर खेहरा ने कहा कि बारिश की वजह से फसल प्रभावित होना किसानों के बस में नहीं है, इसलिए सरकार को चाहिए कि वह संवेदनशीलता दिखाते हुए गेहूं की खरीद में नमी और चमक में कमी से जुड़े नियमों में विशेष छूट दे। यदि इन मानकों में ढील नहीं दी गई तो किसानों को अपनी मेहनत की फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ेगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा।

उन्होंने कहा कि किसान पहले ही मौसम की मार, बढ़ती लागत और अन्य समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में सरकार का दायित्व बनता है कि वह किसानों के हित में तुरंत फैसला ले और मंडियों में गेहूँ की खरीद को आसान बनाए। हर किसान की फसल को बिना भेदभाव खरीदा जाए और मौजूदा हालात को देखते हुए गुणवत्ता मानकों में जरूरी राहत दी जाए।

डॉ. खेहरा ने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि मंडियों में किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही प्रशासन से अपील की कि खरीद प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाया जाए, जिससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके।