Haryana Air Pollution: हरियाणा में फसल अवशेष जलाने का टूटा 5 साल का रिकॉर्ड, जींद और रोहतक टॉप पर
हरियाणा में गेहूं के फाने जलाने के मामलों में भारी उछाल। 2026 में अब तक 3097 मामले दर्ज, जो पिछले साल के मुकाबले 3 गुना ज्यादा हैं। जानें किन जिलों में सबसे ज्यादा लगी आग।
चंडीगढ़: हरियाणा में गेहूं के फाने (फसल अवशेष) जलाने के मामलों ने इस साल पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 1 अप्रैल से 9 मई 2026 तक प्रदेश में कुल 3097 मामले दर्ज किए गए हैं। यह संख्या 2025 में इसी अवधि के 1055 मामलों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है।
शनिवार को राज्यभर में 102 नए मामले आए हैं। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों के अनुसार साल 2022 में 2712 मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद 2023 में यह घटकर 1363 रह गए। 2024 में फिर बढ़कर 2130 मामले पहुंचे जबकि 2025 में सबसे कम 1055 मामले सामने आए थे। अब 2026 में 3097 मामलों के साथ पांच साल का सबसे बड़ा आंकड़ा दर्ज हुआ है।
सबसे ज्यादा मामले जींद जिले में 479 दर्ज किए गए हैं। इसके बाद रोहतक में 418, झज्जर में 314 और सोनीपत में 271 मामले सामने आए हैं। कई जिलों में फसल अवशेष जलाने के मामलों में पिछले साल के मुकाबले दोगुने से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।

