पूर्व HERC अध्यक्ष स्वर्गीय नंद लाल शर्मा की श्रद्धांजलि सभा 2 अगस्त को पंचकूला में
एचईआरसी (HERC) के पूर्व अध्यक्ष और बिजली क्षेत्र के प्रख्यात विशेषज्ञ स्वर्गीय नंद लाल शर्मा की स्मृति में 2 अगस्त (रविवार) को पंचकूला के अग्रवाल भवन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी।
चंडीगढ़ : हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय श्री नन्द लाल शर्मा की पावन स्मृति में 2 अगस्त (रविवार) को प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक सेक्टर-16, पंचकूला स्थित अग्रवाल भवन में कीर्तन एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा।
23 जुलाई को श्री नन्द लाल शर्मा के आकस्मिक निधन से हरियाणा के विद्युत क्षेत्र ने एक दूरदर्शी प्रशासक, प्रखर विद्युत विशेषज्ञ और उपभोक्ता हितों के सशक्त संरक्षक को खो दिया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने यह स्थापित किया कि किसी भी नियामक की सर्वोच्च जिम्मेदारी केवल बिजली दरें निर्धारित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक बिजली उपभोक्ता के हितों की निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से रक्षा करना है।
2 फरवरी 2024 को एचईआरसी के अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता-केंद्रित बनाया। उपभोक्ताओं से सीधा संवाद उनकी कार्यशैली की विशेष पहचान रहा। उनका मानना था कि प्रभावी नियमन तभी संभव है, जब आयोग जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करे। इसी सोच के अनुरूप वर्ष 2026 में उन्होंने आयोग की जनसुनवाई को पंचकूला से आगे बढ़ाकर गुरुग्राम, हिसार, पानीपत और यमुनानगर तक विस्तारित किया, जिससे किसानों, उद्योगों, व्यापारिक संगठनों तथा घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को सीधे आयोग के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर मिला।
उनके नेतृत्व में आयोग ने मल्टी ईयर टैरिफ विनियम-2024, रिसोर्स एडिक्वेसी विनियम-2024 तथा रिन्यूएबल एनर्जी विनियम-2025 जैसे महत्वपूर्ण विनियम अधिसूचित किए। समय पर टैरिफ आदेश जारी करने, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा तथा बिजली वितरण कंपनियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पहल कीं। इन प्रयासों का उद्देश्य प्रदेश के उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय और किफायती दरों पर निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना था।
फोरम ऑफ रेगुलेटर्स (एफओआर) की बैठकों में ऊर्जा सुधार, नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार तथा "वन वर्ल्ड, वन सन, वन ग्रिड" जैसी वैश्विक अवधारणाओं पर उनके विचारों को विशेष महत्व दिया जाता था। वर्ष 2030 तक भारत की 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
एचईआरसी में आने से पहले श्री नन्द लाल शर्मा एसजेवीएनएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के रूप में देश के ऊर्जा क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके थे। जलविद्युत क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञों में उनकी गणना होती थी।
श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक, ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा श्री नन्द लाल शर्मा के शुभचिंतक उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

