हिमाचल: पत्रकारों को मिलेगा 10 लाख का फ्री बीमा, 9 जून को होगा शुभारंभ

हिमाचल के पत्रकारों के लिए बड़ी खबर: मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन (MWB) 10-10 लाख रुपये की मुफ्त एक्सीडेंटल बीमा पॉलिसी देगा। 9 जून को शिमला में होगा कार्यक्रम।

 
पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा

चंडीगढ़ : पत्रकारों के सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबी) उत्तर भारत ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों को 10-10 लाख रुपये की निःशुल्क एक्सीडेंटल बीमा पॉलिसी उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। इस योजना की औपचारिक लॉन्चिंग एवं पॉलिसियों का वितरण समारोह सोमवार 9 जून को शिमला स्थित होटल होली डे होम में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।तैयारियों को लेकर एम डब्ल्यू बी उत्तर भारत का प्रतिनिधिमंडल शिमला पहुंच गया है।

समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान करेंगे, जबकि नगर निगम शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान गेस्ट ऑफ ऑनर तथा शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरीश जनारथा सम्माननीय अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पत्रकारों के शामिल होने की संभावना है।

पत्रकारों के हित में लगातार कार्य कर रहा संगठन

एमडब्ल्यूबी उत्तर भारत के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी तथा महासचिव सुरेंद्र मेहता ने बताया कि संगठन पिछले पांच वर्षों से पत्रकारों एवं उनके परिवारों के कल्याण और सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। बदलते समय में पत्रकारों को अनेक प्रकार की चुनौतियों और जोखिमों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनके लिए सामाजिक सुरक्षा का मजबूत तंत्र विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और समाज को जागरूक करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। कई बार समाचार संकलन के दौरान उन्हें दुर्घटनाओं, प्राकृतिक आपदाओं तथा अन्य जोखिमपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संगठन द्वारा पत्रकारों के लिए निःशुल्क बीमा योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

संजय भूटानी की पहल से मिला हिमाचल को बड़ा तोहफा

एमडब्ल्यूबी उत्तर भारत के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं हिमाचल प्रदेश प्रभारी संजय भूटानी की विशेष पहल पर हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों के लिए 10-10 लाख रुपये की निःशुल्क एक्सीडेंटल पॉलिसी की शुरुआत की जा रही है। संगठन का मानना है कि पत्रकारों की सुरक्षा केवल उनके व्यक्तिगत हित से नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती से भी जुड़ा विषय है। चंद्रशेखर धरणी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में संगठन की गतिविधियों को सशक्त बनाने और पत्रकारों तक अधिकाधिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इस योजना को प्रारंभ किया गया है। इसके माध्यम से प्रदेश के पत्रकारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ संगठन से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा।

विशाल सूद को सौंपी गई आयोजन की जिम्मेदारी

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए एमडब्ल्यूबी हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष विशाल सूद को आयोजन संयोजक बनाया गया है। कार्यक्रम की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही हैं और इसके सफल आयोजन के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किया गया है। विशाल सूद ने बताया कि पत्रकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पत्रकार प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है ताकि अधिक से अधिक पत्रकार इस कल्याणकारी योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

संगठन के शीर्ष पदाधिकारी भी रहेंगे मौजूद

समारोह में एमडब्ल्यूबी उत्तर भारत के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी भी भाग लेंगे। इनमें महासचिव सुरेंद्र मेहता, कोषाध्यक्ष तरुण कपूर, उपाध्यक्ष पवन चोपड़ा तथा संगठन मंत्री मेवा सिंह राणा प्रमुख रूप से शामिल हैं। सभी पदाधिकारी पत्रकार कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखेंगे और संगठन की आगामी योजनाओं की जानकारी देंगे। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों, उनके सामाजिक सुरक्षा अधिकारों तथा मीडिया क्षेत्र में बदलते परिवेश पर भी चर्चा किए जाने की संभावना है।

मुफ्त सदस्यता और कैशलेस मेडिकल सुविधा भी

एमडब्ल्यूबी की विशेषता यह है कि संगठन पत्रकारों को बिना किसी सदस्यता शुल्क के विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। संगठन द्वारा पत्रकारों को निःशुल्क सदस्यता, कैशलेस मेडिकल सुविधा, टर्म इंश्योरेंस तथा एक्सीडेंटल इंश्योरेंस जैसी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार यही कारण है कि उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में पत्रकारों का रुझान तेजी से एमडब्ल्यूबी की ओर बढ़ रहा है। संगठन का उद्देश्य पत्रकारों के हितों की रक्षा करना और उनके लिए एक मजबूत सुरक्षा तंत्र तैयार करना है।

टर्म इंश्योरेंस और एक्सीडेंटल पॉलिसी का मिलेगा लाभ

एमडब्ल्यूबी द्वारा पत्रकारों को उपलब्ध करवाई जा रही टर्म इंश्योरेंस योजना असामयिक मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। वहीं एक्सीडेंटल बीमा पॉलिसी दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा कवच का कार्य करती है। संगठन का मानना है कि पत्रकारों के परिवारों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी स्वयं पत्रकार की। इसलिए ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है जिनका लाभ सीधे पत्रकारों और उनके परिजनों को मिल सके।

हिमाचल के हर जिले में गठित की जाएंगी इकाइयां

कार्यक्रम के दौरान हिमाचल प्रदेश में संगठन के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। एमडब्ल्यूबी नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में संगठनात्मक ढांचा मजबूत किया जाएगा और जिला स्तरीय इकाइयों का गठन किया जाएगा। इसके माध्यम से पत्रकारों की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने और उनका समाधान कराने में सहायता मिलेगी। साथ ही संगठन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी जिला स्तर तक पहुंचाया जा सकेगा।

पत्रकार सुरक्षा को लेकर नई सोच

मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन का मानना है कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान किसी भी लोकतांत्रिक समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी सोच के तहत संगठन लगातार नई योजनाएं लेकर आ रहा है। हिमाचल प्रदेश में शुरू की जा रही 10 लाख रुपये की निःशुल्क एक्सीडेंटल पॉलिसी को इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पत्रकारों और मीडिया जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि ऐसी योजनाएं न केवल पत्रकारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेंगी, बल्कि उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक आत्मविश्वास के साथ करने में भी मदद करेंगी। मंगलवार को आयोजित होने वाला यह समारोह हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जहां उन्हें सुरक्षा, सम्मान और कल्याण से जुड़ी अनेक जानकारियां मिलने के साथ-साथ निःशुल्क बीमा योजना का लाभ भी प्राप्त होगा।