Love Marriage Ban in Hisar Village: पंचायत ने कड़ा फैसला लेते हुए कहा— गांव के युवक-युवती ने शादी की तो होगा सामाजिक बहिष्कार

हिसार के आर्यनगर गांव की पंचायत ने लव मैरिज पर लगाया प्रतिबंध। गांव में शादी करने पर सामाजिक बहिष्कार का फैसला।
 
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हिसार: आर्यनगर गांव में पंचायत ने लव मैरिज पर रोक लगाने का फैसला किया है. पंचायत में तय किया गया कि अगर गांव का कोई युवक-युवती लव मैरिज करते हैं, तो उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा. ऐसे जोड़ों को गांव में रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी. इनका साथ देने वालों का भी सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा. गांव में तीन मामले सामने आने के बाद पंचायत ने ये फैसला किया है. ये पंचायत रविवार को हुई थी. सोमवार को इसकी जानकारी सामने आई.

आर्य नगर गांव में लव मैरिज बैन: आर्य नगर गांव कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा की ससुराल भी है. इस गांव में पंचायत कर फैसला किया गया कि गांव के लड़के की गांव में ही शादी नहीं होगी. इससे सामाजिक ताने बाने को ठेस पहुंचती है. गांव में युवक-युवती का रिश्ता बहन भाई का माना जाता है. इसलिए अगर गांव में कोई विवाह करेगा. तो स्वीकार नहीं होगा. इसके लिए गांव स्तर पर कमेटी बनाकर जागरुकता अभियान चलाया जाएगा.

लव मैरिज करने पर सामाजिक बहिष्कार का फैसला: भाजपा नेता हनुमान वर्मा के अनुसार गांव में कुलवंत सोखला की अध्यता में पंचायत का आयोजन किया गया. जिसमें एक युवक ने गांव की ही युवती से शादी कर ली. इसको लेकर लड़की के परिजनों ने ऐतराज जताया. लड़की के परिजन लड़के वालों के घर गए और लड़की को लौटाने को कहा. जिसके बाद मामला गांव की पंचायत में पहुंचा. इसी मामले को देखते हुए पंचायत ने लव मैरिज पर बैन का ये फैसला किया है.

आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है, ताकि आगे युवक-युवतियां ऐसा कदम ना उठाएं. इस फैसले पर आगे भी काम किया जाएगा. गांव का सामाजिक ताना-बाना ना बिगड़े, इसके लिए कमेटी बनाई जाएगी. घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा कि ग्रामीण इस फैसले से सहमत हैं या नहीं. इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को बचाना है. 

कमेटी बनाकर लोगों को किया जाएगा जागरुक: भाजपा नेता हनुमान वर्मा ने बताया कि "पंचायत में पूरे गांव के लोग मौजूद थे. पंचायत में कहा गया कि एक ही गांव के लड़का-लड़की का रिश्ता आपस में बहन भाई का माना जाता है. अगर लड़का लड़की विवाह कर लेते हैं, तो सामाजिक स्तर से रिश्ते नातों और आपसी भाई-चारे में दरार आती है. ये तय किया गया कि गांव के युवक-युवती गांव में शादी नहीं करेंगे. अगर ऐसा कोई करेगा, तो उसको उसके परिजनों को समझाया जाएगा. गांव में कमेटी बनाई जाएगी. जिसके माध्यम से गांव स्तर पर समझाया जाएगा."