ICICI बैंक से ₹43 लाख और सोना ठगा, ढाबे पर खाना खिलाकर भागा शातिर ठग
साहा : एक बेहद हैरान करने वाले मामले में, आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक की तेपला शाखा के अधिकारियों को एक शातिर ठग ने फिल्मी अंदाज में चूना लगा दिया। बैंक का एक पुराना और 'भरोसेमंद' ग्राहक मैनेजर और गोल्ड लोन अधिकारी को जगाधरी के एक ढाबे पर खाना खिलाने ले गया और वहां से ₹43 लाख की नकदी, 144.8 ग्राम असली सोना, मैनेजर का मोबाइल, पर्स और बैंक के जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हो गया।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपी कनिष्क सिंह चौहान अगस्त 2025 से बैंक का ग्राहक था। उसने बैंक मैनेजर गुलशन कुमार को झांसा दिया कि वह मुथुट फिनकॉर्प और एक निजी ज्वेलर के पास गिरवी रखे अपने सोने को ICICI बैंक में ट्रांसफर करवाना चाहता है।
शुरुआती प्रक्रिया में कनिष्क ने बैंक से ₹14 लाख ट्रांसफर करवाकर मुथुट फिनकॉर्प से 144.8 ग्राम सोना छुड़वाया। जब बैंक ने वेंडर के जरिए इस सोने की जांच कराई, तो वह बिल्कुल असली निकला। इसी असली सोने के जाल में फंसकर बैंक अधिकारियों ने उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर लिया।
6 जून को बाकी का 486 ग्राम सोना छुड़ाने के लिए बैंक वेंडर्स के जरिए कनिष्क के खाते में ₹29 लाख और ट्रांसफर किए गए। ज्वेलर को कुल ₹45 लाख का कैश पेमेंट होना था, जिसके लिए आरोपी ने 15 लाख की और मांग की। कनिष्क पर इस कदर भरोसा हो चुका था कि बैंक टीम ने अपने पर्सनल स्तर पर ₹15 लाख का इंतजाम कर उसे दे दिया। इसके बाद आरोपी 43 लाख कैश और 144 ग्राम असली सोने को हॉलमार्क कराने का बहाना बनाकर बैंक मैनेजर और लोन अधिकारी अनिल कुमार को अपनी ब्लैक स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर जगाधरी ले गया। वहां ज्वेलर की दुकान बंद मिलने पर वह दोनों अधिकारियों को पास के 'चौधरी ढाबे' पर खाना खिलाने ले गया।
ढाबे पर खाना खाते समय कनिष्क बार-बार फोन पर बात करने और सिगरेट पीने के बहाने बाहर जाता रहा और आखिरकार मौका पाकर सारा कैश, सोना और मैनेजर का निजी सामान लेकर रफूचक्कर हो गया। बदनामी के डर से बैंक अधिकारी तीन दिन तक उसे अपने स्तर पर ढूंढते रहे, लेकिन कामयाबी न मिलने पर पुलिस को शिकायत दी गई। साहा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात (धारा 316) और जालसाजी (धारा 318) के तहत एफआईआर दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

