Infantry Day Significance: कश्मीर बचाओ अभियान से जुड़ी 27 अक्टूबर की ऐतिहासिक गाथा, अनिल विज का बड़ा बयान

इन्फैंट्री डे (27 अक्टूबर) के अवसर पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने भारतीय सेना के जवानों के अदम्य साहस, समर्पण और बलिदान को नमन किया।

 
Indian Army 1 Sikh Regiment 1947

चंडीगढ़। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने इन्फैंट्री डे (Infantry Day) के अवसर पर भारतीय सेना के वीर जवानों के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को भावपूर्ण नमन किया। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए हर कठिन चुनौती का डटकर सामना करने वाले इन्फैंट्री के जवानों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनके राष्ट्रसेवा का यह जज्बा पूरे देश का गौरव है। विज ने कहा कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों, विषम परिस्थितियों, रेगिस्तानों और कठिन सीमाओं पर तैनात हमारे जवान ही देश की असली रीढ़ हैं।

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कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने 27 अक्टूबर 1947 के ऐतिहासिक घटनाक्रम को याद करते हुए बताया कि विभाजन के बाद पाकिस्तान समर्थित कबायली हमलावरों ने जम्मू-कश्मीर पर अचानक आक्रमण कर दिया था। उस बेहद संकटपूर्ण समय में भारतीय सेना की प्रथम सिख रेजिमेंट (1 सिख) के वीर जवान हवाई मार्ग से श्रीनगर पहुंचे और दुश्मन के खिलाफ मोर्चा संभाला। सैनिकों की त्वरित कार्रवाई और अद्वितीय साहस ने हमलावरों के नापाक मंसूबों को नाकाम कर दिया। इसी शौर्य गाथा की स्मृति में हर साल 27 अक्टूबर को 'इन्फैंट्री डे' मनाया जाता है। अनिल विज ने कहा कि वीर सैनिकों का यह त्याग देशवासियों और आने वाली पीढ़ियों को सदैव देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।