Devi Lal Jayanti INLD Nuh Haryana: इनेलो की नूंह रैली को लेकर सुगबुगाहट तेज, किसानों ने मुफ्त दी जमीन, जानिए खास बातें

पूर्व प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल की जयंती पर 27 सितंबर को नूंह में होगी इनेलो की बड़ी रैली। 75 एकड़ जमीन पर युद्ध स्तर पर चल रही तैयारियां।
 
Indian National Lok Dal Haryana

नूंहः पूर्व प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल की जयंती को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए इंडियन नेशनल लोकदल पहली बार नूंह की धरती पर आगामी 27 सितंबर को आयोजन करने जा रही है. इस आयोजन को लेकर तैयारी युद्ध स्तर पर की जा रही हैं. तकरीबन 75 एकड़ भूमि में इस रैली का आयोजन किया जा रहा है. रैली को सफल बनाने के लिए इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा, इनेलो नेत्री सुनैना चौटाला, अभय सिंह चौटाला के ओएसडी प्रताप सिंह, इंडियन नेशनल लोकदल के जिला अध्यक्ष चौधरी ताहिर हुसैन सहित तमाम नेता और कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर भीड़ जुटाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकी हुई है.

INLD का मजबूत किला रहा है नूंहः इंडियन नेशनल लोकदल 2000 से 2014 तक अपने इस मजबूत किले में फिर से ताऊ देवीलाल की जयंती पर भीड़ जुटाकर वापसी करने जा रही है. रैली को लेकर पूरी मशीनरी रैली स्थल पर जुटी हुई है तो कार्यकर्ताओं ने भी अभी से वहां डेरा डाला हुआ है. रैली के लिए एक बड़ा मंच एवं बड़ा भव्य पंडाल लगाया जा रहा है. रैली में खानपान, पार्किंग, बैठने से लेकर सभी प्रकार की उचित व्यवस्था आयोजकों की तरफ से की जा रही है.

कहां हो रहा आयोजन: राष्ट्रीय राजमार्ग 248ए पर गांधी ग्राम घासेड़ा व सलंबा गांव के बीच में चंदेनी गांव की तकरीबन 75 एकड़ भूमि फिलहाल खाली है. अगर जरूरत पड़ी तो ज्वार-बाजरे की फसल की कटाई करने को भी किसान तैयार हैं. खास बात यह है कि चंदेनी गांव के किसानों ने इस रैली के आयोजन के लिए अपनी जमीन को पूरी तरह से मुफ्त दिया है. किसान जैकम निवासी चंदेनी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि "हमारे लिए गर्व की बात है कि इतनी बड़ी राजनैतिक शख्सियत किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल की जयंती नूंह में मनाई जा रही है. इसके लिए उन्होंने अपनी जमीन खुद आगे बढ़कर इंडियन नेशनल लोकदल के नेताओं को आयोजन के लिए दी है.

इनेलो का मजबूत गढ़: नूंह जिला इनेलो का मजबूत गढ़ रहा है. सबसे पहले इंडियन नेशनल लोकदल की सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने इस जिले को "सत्यमेवपुरम" के नाम से जिला घोषित किया था, लेकिन कुछ दिन बाद सरकार चली जाने के कारण यह जिला इस नाम से पूरी तरह वजूद में नहीं आया. प्रदेश की सत्ता बदली तो कांग्रेस की सरकार बनी. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस जिले का नाम "मेवात" रख दिया. इसके बाद जब सूबे में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी और मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया गया तो इस जिले का नाम मेवात से बदलकर "नूंह" रख दिया गया. अभी भी इस जिले को मेवात के नाम से ही अधिकतर लोग जानते हैं.

कब-कब बने विधायक: नूंह विधानसभा में 2000 में चौधरी स्वर्गीय हामिद हुसैन इंडियन नेशनल लोकदल की टिकट पर चुनाव जीते. उसके बाद उनके भतीजे पूर्व विधायक चौधरी जाकिर हुसैन ने 2014 में नूंह विधानसभा से चुनाव जीता. तावडू विधानसभा में 2005 में शहीदा खान ने इंडियन नेशनल लोकदल के टिकट पर जीत हासिल की, जो मौजूदा समय में कांग्रेस जिलाध्यक्ष हैं. फिरोजपुर झिरका विधानसभा में वर्ष 2000 में मोहम्मद इलियास विधायक चुने गए और हरियाणा सरकार में मंत्री बने. इसके बाद लगातार दो बार नसीम अहमद ने वर्ष 2009 और 2014 में इंडियन नेशनल लोकदल की टिकट पर चुनाव जीता. लेकिन सूबे में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तो पूर्व विधायक नसीम अहमद एवं पूर्व विधायक चौधरी जाकिर हुसैन ने इंडियन नेशनल लोकदल को अलविदा कहते हुए भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया.

पुन्हाना के कांग्रेस विधायक भाजपा के साथ करते हैं मंच साझाः फिलहाल के दौर में इंडियन नेशनल लोकदल में कोई बड़े कद का नेता नूंह जिले से नहीं है. यही कारण है कि पिछले कुछ चुनाव से इंडियन नेशनल लोकदल का मजबूत किला कांग्रेस ने ढहा दिया और मौजूदा समय में नूंह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना से कांग्रेस के विधायक चुने गए. लेकिन कुछ माह पहले हुए राज्यसभा चुनाव में पुन्हाना के कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास ने भारतीय जनता पार्टी के समर्थित उम्मीदवार को वोट डालकर एक बार फिर से कांग्रेस से दूरी बनाकर पाला बदल लिया. अब वह कांग्रेस के कार्यक्रमों से पूरी तरह से दूर हैं और भारतीय जनता पार्टी के साथ मंच साझा कर रहे हैं.

एक कोठी, दो नेता: पूर्व विधायक चौधरी जाकिर हुसैन भारतीय जनता पार्टी में अल्पसंख्यक मोर्चा में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के साथ-साथ हरियाणा वक्फ बोर्ड के प्रशासक के तौर पर काम कर रहे हैं तो उनके बेटे चौधरी ताहिर हुसैन इंडियन नेशनल लोकदल से अपने राजनैतिक पारी को आगे बढ़ा रहे हैं. इलाके में यह चर्चा भी आम है कि एक कोठी से दो राजनैतिक पार्टियों का काम चल रहा है. फिलहाल चौधरी ताहिर हुसैन इंडियन नेशनल लोकदल के जिला अध्यक्ष हैं और इस रैली में भीड़ जुटाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है.

जिले में चार बड़े राजनैतिक परिवार: नूंह जिले की राजनीति अकसर चार बड़े परिवारों के बीच घूमती रही है. चौधरी मरहूम तैयब हुसैन, चौधरी मरहूम खुर्शीद अहमद, चौधरी मरहूम अजमत खान, चौधरी मरहूम शकरुल्ला के परिवार का कब्जा रहा है. अब इन नेताओं के पुत्र पूर्व विधायक जाकिर हुसैन, विधायक आफताब अहमद, पूर्व विधायक आजाद मोहमद और पूर्व विधायक रहीशा खान, पूर्व विधायक नसीम अहमद राजनैतिक विरासत को धार दे रहे हैं.