Expired Milk Distribution: बच्चों के पोषण आहार में बड़ी लापरवाही; जींद के आंगनबाड़ी केंद्र में एक्सपायरी दूध मिलने पर मचा हड़कंप

जींद के चाबरी कॉलोनी आंगनबाड़ी केंद्र में एक्सपायरी डेट के दूध से खीर बनाने और राशन में गड़बड़ी का आरोप लगा है। पार्षद प्रतिनिधि के खुलासे के बाद जांच शुरू हो गई है।
 
CDPO Suman Jind Investigation

जींद । बच्चों को कुपोषण से बचाने और उन्हें पौष्टिक आहार देने के लिए संचालित किए जाने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जींद शहर की चाबरी कॉलोनी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में भारी अनियमितता और एक्सपायरी डेट (Expired Date) के दूध से खीर बनाने का मामला सामने आया है। स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि द्वारा मामले का खुलासा किए जाने के बाद हड़कंप मच गया है।

🚨 छापेमारी के दौरान केंद्र पर मिला ताला; वीडियो बनाकर अधिकारियों को भेजा

पार्षद प्रतिनिधि बलवंत सिंह ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि चाबरी कॉलोनी के इस आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के राशन और भोजन की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं:

  • औचक निरीक्षण: जब वह मंगलवार दोपहर बाद स्थानीय नागरिकों के साथ केंद्र पर पहुँचे, तो वहाँ ताला लगा हुआ था।

  • सहायिका की मौजूदगी: इसके बाद केंद्र की सहायिका नरेश कुमारी को बुलाकर ताला खुलवाया गया। अंदर जांच करने पर दूध के ऐसे पैकेट मिले जिन पर जनवरी, मई और 5 अक्टूबर की एक्सपायरी डेट दर्ज थी।

  • पार्षद प्रतिनिधि ने इस पूरी लापरवाही का वीडियो बनाकर तुरंत संबंधित उच्च अधिकारियों को भेज दिया।

📦 चावल के कट्टे घर ले जाने और एक्सपायरी दूध का दावा

पार्षद प्रतिनिधि के अनुसार, पूछताछ के दौरान सहायिका नरेश कुमारी ने चौंकाने वाले खुलासे किए:

  • सहायिका ने बताया कि केंद्र में चावल के कुल 5 कट्टे आए थे, जिनमें से 3 कट्टे केंद्र की इंचार्ज मैडम अपने घर ले गईं और केंद्र में सिर्फ 2 कट्टे ही बचे।

  • सहायिका ने कथित तौर पर यह भी स्वीकार किया कि बच्चों के लिए पिछले कई दिनों से एक्सपायरी डेट वाले दूध के पैकेटों का इस्तेमाल करके खीर बनवाई जा रही थी।

🏛️ अधिकारियों की प्रतिक्रिया और विभाग की जांच

यह मामला जब जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) सीमा रोहिल्ला के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तुरंत बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) सुमन को मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए:

  • जांच टीम का दौरा: बुधवार को जब जांच टीम केंद्र पहुँची, तो शिकायत करने वाली सहायिका नरेश कुमारी 2 दिन की छुट्टी पर मिली।

  • इंचार्ज का पक्ष: सीडीपीओ सुमन के अनुसार, केंद्र की इंचार्ज दिव्या ने बताया कि वह पिछले 6 महीने से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सर्वे की ड्यूटी पर हैं और उनकी अनुपस्थिति में केंद्र का कामकाज सहायिका संभाल रही थी।

  • दौरे पर नहीं मिला एक्सपायरी दूध: सीडीपीओ ने स्पष्ट किया कि जब जांच टीम मौके पर पहुँची, तो केंद्र में एक्सपायरी डेट का कोई दूध नहीं मिला।

  • सबूतों की मांग: अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं से दो दिन के भीतर पुख्ता साक्ष्य (Evidence) उपलब्ध कराने को कहा है। विभाग का कहना है कि यदि आरोप झूठे साबित हुए और साक्ष्य नहीं दिए गए, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।