Jind Jail Suicide Controversy: जींद जेल में पॉक्सो आरोपी कैदी ने लगाया फंदा, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट समेत 4 पर केस दर्ज

जींद जिला जेल में पॉक्सो आरोपी कैदी संदीप की आत्महत्या मामले में पुलिस ने जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट, डिप्टी जेलर समेत 4 के खिलाफ SC/ST एक्ट और BNS के तहत एफआईआर दर्ज की है।

 
हरियाणा जेल समाचार

जींद  : जींद जिला जेल में बंद पॉक्सो मामले के आरोपी कैदी संदीप उर्फ छोटा की आत्महत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, मृतक के पिता वासुदेव ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को लंबे समय से पेट में पथरी की गंभीर समस्या थी, लेकिन जेल प्रशासन ने बार-बार अनुरोध के बावजूद उसका ऑपरेशन नहीं कराया।

FIR में पिता ने बताया कि उनका बेटा उनसे जेल में मुलाकात के दौरान इलाज न मिलने और जेल अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने की बात कहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट, डिप्टी जेलर, एक हवलदार और एक कैदी द्वारा बेटे के साथ जातिसूचक गालियां दी जाती थीं, मारपीट की जाती थी और इलाज मांगने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी।

पिता के अनुसार, 31 जुलाई 2026 को संदीप ने अपनी भाभी को जेल के सार्वजनिक फोन से कॉल कर बताया था कि उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर इलाज कराया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।

पुलिस के अनुसार, 2/3 अगस्त 2026 की रात संदीप ने बैरक में कपड़े की रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से मिले सुसाइड नोट में उसने अपने पैर पर लिख रखा था कि वह 14 एमएम की पथरी से परेशान है और जेल प्रशासन उसका इलाज नहीं करा रहा। नोट में उसने लिखा कि उसकी मौत के लिए डिप्टी सुपरिंटेंडेंट सुरेंद्र, डिप्टी जेलर विक्रम गिल, हवलदार कृष्ण सिसाय और कैदी गोल्डी जिम्मेदार हैं।

घटना की सूचना मिलने पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में मौके का निरीक्षण किया गया, वीडियोग्राफी कराई गई और शव का पोस्टमार्टम बीपीएस मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां में कराया गया।

पोस्टमार्टम और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने थाना सिविल लाइन, जींद में एफआईआर नंबर 156, दिनांक 05 अगस्त 2026 के तहत धारा 108, 3(5) BNS तथा SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(s) के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की आगे की जांच सक्षम अधिकारी को सौंपी जाएगी।