कैथल में सब्सिडी वाले यूरिया की कालाबाजारी का पर्दाफाश, 600 कट्टे खाद के साथ 2 गिरफ्तार

कैथल की सीवन थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर सब्सिडी वाले IFFCO यूरिया के 600 कट्टों से भरा ट्रक पकड़ा है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

 
फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर केस

कैथल: सीवन थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 600 कट्टे कृषि योग्य सब्सिडी वाली यूरिया से भरे ट्रक को पकड़ लिया. पुलिस ने ट्रक चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास खाद के परिवहन से संबंधित कोई वैध बिल या दस्तावेज नहीं मिला. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ट्रक में भारत सरकार की सब्सिडी वाली IFFCO यूरिया लदी थी, जिसे यमुनानगर ले जाया जा रहा था.

सब्सिडी वाली यूरिया खास से भरा ट्रक बरामद: कृषि विभाग की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. सीवन थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर जय भगवान ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बिना वैध दस्तावेजों के सब्सिडी वाली यूरिया से भरा ट्रक यमुनानगर की ओर जा रहा है. सूचना के आधार पर गांव गोहरा के पास नाकाबंदी कर PB11BR-5998 नंबर के ट्रक को रोका गया.

दो आरोपी गिरफ्तार: तलाशी लेने पर ट्रक में IFFCO की 600 बोरियां कृषि योग्य सब्सिडी वाली यूरिया बरामद हुई. पुलिस ने ट्रक चालक जोगा सिंह निवासी समाना और उसके साथ मौजूद आसिफ अली निवासी यमुनानगर को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी खाद के परिवहन से संबंधित कोई बिल या अन्य वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके.

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलने पर कृषि विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक भूपेंद्र सिंह और उपमंडल कृषि अधिकारी सतीश कुमार मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने जांच के दौरान खाद का निरीक्षण किया और नमूने लेकर उन्हें सील कर प्रयोगशाला भेज दिया. प्रारंभिक जांच में बरामद खाद भारत सरकार की सब्सिडी वाली कृषि योग्य यूरिया पाई गई.

आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज: कृषि विभाग के अनुसार सब्सिडी वाली कृषि योग्य यूरिया का गैर-कृषि उपयोग, अवैध बिक्री या डायवर्जन कानूनन अपराध है. विभाग की शिकायत पर पुलिस ने फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर (FCO)-1985 की धारा 4, 5, 25 व 28, आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3 व 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है.

रिमांड में होगी पूरे नेटवर्क की पड़ताल: थाना प्रभारी जय भगवान ने बताया कि "दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा. रिमांड के दौरान उनसे गहन पूछताछ कर ये पता लगाया जाएगा कि इस गिरोह में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही ये भी जांच की जाएगी कि सब्सिडी वाली यूरिया कहां से लाई गई थी, इसे किसके कहने पर यमुनानगर ले जाया जा रहा था और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है. पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है."