करनाल: नर्सिंग छात्रा बनी फरिश्ता, सीपीआर देकर बचाई महिला की जान

करनाल में बस हादसे के बाद नर्सिंग छात्रा सोनाक्षी राणा ने दिखाई बहादुरी। सड़क पर तड़पती बुजुर्ग महिला को लगातार सीपीआर देकर बचाई जान। वायरल हुआ वीडियो।

 
गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग करनाल

करनाल: कई बार कुछ मिनट किसी की पूरी जिंदगी बदल देते हैं. करनाल में भी ऐसा ही एक दिल छू लेने वाला दृश्य देखने को मिला, जहां एक नर्सिंग छात्रा ने अपनी सूझबूझ, साहस और प्रशिक्षण का ऐसा परिचय दिया कि मौत से जूझ रही एक बुजुर्ग महिला की सांसें फिर लौट आईं. सड़क पर घायल पड़ी महिला को देखकर जहां लोग सिर्फ तमाशबीन बने हुए थे, वहीं बीएससी नर्सिंग की छात्रा सोनाक्षी राणा बिना एक पल गंवाए मदद के लिए दौड़ पड़ी और लगातार सीपीआर देकर महिला की जान बचाने का प्रयास करती रही. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग सोनाक्षी की जमकर सराहना कर रहे हैं.

रोडवेज बस की टक्कर के बाद थम गई थीं सांसें: जानकारी के अनुसार करनाल के लाडो धाम के पास बुधवार को कुरुक्षेत्र के ईशाकपुर निवासी 65 वर्षीय रोशनी देवी सड़क पार कर रही थीं. इसी दौरान हरियाणा रोडवेज की तेज रफ्तार बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि वो कई फीट दूर जा गिरीं और उनकी सांसें थम गईं. मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए.

जब नर्सिंग छात्रा ने संभाली कमान: हादसे के वक्त गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड फार्मेसी की बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा सोनाक्षी राणा कॉलेज से घर लौट रही थीं. उन्होंने घायल महिला की नब्ज और सांसें जांचीं और बिना समय गंवाए तुरंत सीपीआर देना शुरू कर दिया. करीब दो मिनट तक लगातार सीने पर दबाव देकर वो महिला की सांसें वापस लाने का प्रयास करती रहीं. कुछ ही देर बाद महिला में जीवन के संकेत दिखाई देने लगे और उनकी सांसें धीरे-धीरे सामान्य होने लगीं.

एंबुलेंस नहीं पहुंची तो खुद अस्पताल ले गई: सोनाक्षी लगातार आसपास मौजूद लोगों से एंबुलेंस बुलाने की अपील करती रहीं, लेकिन जब मदद समय पर नहीं पहुंची, तो उन्होंने सड़क से गुजर रहे एक वाहन को रुकवाया और घायल महिला को उसी में अस्पताल के लिए रवाना किया. सबसे बड़ी बात ये रही कि अस्पताल पहुंचने तक भी उन्होंने सीपीआर देना बंद नहीं किया, ताकि महिला की सांसें लगातार चलती रहें.

कौन हैं सोनाक्षी राणा? करनाल के राणा गांव की रहने वाली सोनाक्षी राणा गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड फार्मेसी में बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं. उनके पिता चनवा राम आर्म्ड फोर्स में देश की सेवा कर चुके हैं और वर्तमान में हरियाणा पुलिस, मधुबन में कार्यरत हैं. बेटी के इस साहसिक कार्य ने पूरे परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है.

कॉलेज ने किया सम्मानित: सोनाक्षी के इस मानवीय और साहसिक कार्य से प्रभावित होकर गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड फार्मेसी के प्रबंधन और शिक्षकों ने उन्हें सम्मानित किया. मिठाई खिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया गया. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद लोग सोनाक्षी को "रियल हीरो" और "जिंदगी बचाने वाली बेटी" कहकर सम्मान दे रहे हैं.

सोनाक्षी ने बताया कैसे बचाई जान: सोनाक्षी ने बताया कि कॉलेज की छुट्टी के बाद वो अपने साथियों के साथ घर लौट रही थीं. तभी उन्होंने देखा कि एक महिला बस से उतरकर सड़क पार कर रही थी और तेज रफ्तार रोडवेज बस की चपेट में आ गई. ये दृश्य देखकर वह भी घबरा गईं और उनके हाथ कांपने लगे, लेकिन नर्सिंग की पढ़ाई के दौरान मिली ट्रेनिंग याद आई. उन्होंने तुरंत महिला की नब्ज जांची और सीपीआर देना शुरू कर दिया. एक समय ऐसा भी आया जब महिला की सांस पूरी तरह रुक गई थी, लेकिन लगातार सीपीआर देने से उनकी सांसें दोबारा चलने लगीं. सोनाक्षी ने इस सफलता का श्रेय अपने कॉलेज के शिक्षकों को दिया, जिन्होंने उन्हें संकट की घड़ी में लोगों की मदद करना सिखाया.

पिता बोले- आज बेटी ने मेरा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया: सोनाक्षी के पिता चनवा राम ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर बेहद गर्व है. उन्होंने कहा कि जब वह आर्म्ड फोर्स में रहकर देश की सेवा करते थे, तब उनका सीना गर्व से चौड़ा होता था और आज बेटी को एक अनजान महिला की जान बचाते देखकर वही गर्व दोबारा महसूस हो रहा है. उन्होंने सभी बेटियों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय साहस और समझदारी से काम लें.