करनाल: फसल अवशेष जलाने पर 8 किसानों पर FIR, 2 सीजन तक MSP पर बैन
करनाल में गेहूं के अवशेष जलाने पर 8 किसानों पर मुकदमा दर्ज। ₹40,000 जुर्माना और 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल पर रेड एंट्री; अगले दो सीजन नहीं बेच पाएंगे MSP पर फसल।
करनाल : करनाल में गेहूं कटाई के बाद फसल अवशेष जलाने वाले 8 किसानों पर कृषि विभाग की और से मामला दर्ज कराया गया है। इन सभी किसानों पर नियमानुसार 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है और सभी किसानों के मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल रिकॉर्ड में 172 रेड एंट्री कर दी गयी हैं जिससे ये किसान अगले दो सीजन अपनी फसल एमएसपी पर नहीं बेच पायेंगे। कृषि उप निदेशक डॉ वजीर सिंह ने मामले की जानकारी दी।

करनाल में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए किसानों को जहा कृषि विभाग और जिला प्रशासन की और से समय-समय पर जागरूक किया गया था लेकिन कुछ किसानों द्वारा फिर भी गेंहू कटाई के बाद लापरवाही बरतने देखो मामला सामने आया है,जिन्होंने फसल कटाई के बाद फसल अवशेषों में आग लगाने का काम किया है, ऐसे किसानों के खिलाफ कृषि विभाग की और से एक्शन लिया गया है, उन किसानों पर कृषि विभाग की और से जहा उन पर जुर्माना लगाने के साथ उन किसानों पर मामला दर्ज भी कराया गया है।

फसल अवशेष जलाने पर 8 किसानों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। कृषि तथा किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया की जिला में गेहूं के फसल अवशेष जलाने के अभी तक 172 मामले सामने आये हैं। गाँव स्तरीय कमेटी/एनफोर्समेंट टीम द्वारा जांच उपरांत 130 मामले एक्सीडेंटल (शॉर्ट सर्किट या अज्ञात कारणों) से पाए गए, 24 घटनाओं में आगजनी नहीं पाई गई, 2 घटनाएं जंगलात क्षेत्र में मिलीं, 7 मामलों में अभी जांच जारी है व शेष 9 मामलों में जानबूझकर आग लगाई गई है, जिन पर कार्यवाही करते हुए सभी 8 किसानों पर गेहूं के फसल अवशेष जलाने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के अंतर्गत धारा 39 व भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 (ए) के अंतर्गत सम्बंधित थाना में मुकदमा दर्ज करवाया जा चुका है। इनमें से पांच किसान जिला करनाल के असंध खंड व दो-दो किसान खंड घरौंडा व निसिंग से सम्बंधित हैं। साथ ही इन सभी किसानों पर नियमानुसार 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है और सभी किसानों के मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल रिकॉर्ड में 172 रेड एंट्री कर दी गयी हैं जिससे ये किसान अगले दो सीजन अपनी फसल एमएसपी पर नहीं बेच पायेंगे। कृषि उप निदेशक डॉ वजीर सिंह ने मामले की जानकारी दी।

