Anil Vij vs SP Controversy: कुरुक्षेत्र के ASI संदीप सिंह बहाल, सस्पेंशन के 3 दिन बाद मिली राहत

हरियाणा के मंत्री अनिल विज और एसपी उपासना के बीच बहस का कारण बने एएसआई संदीप सिंह बहाल। 7 लाख के जमीन विवाद में हुए थे सस्पेंड। जानें कुरुक्षेत्र पुलिस का ताजा अपडेट।

 
जमीन विवाद धोखाधड़ी केस

कुरुक्षेत्र : ज्योतिसर चौकी इंचार्ज असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) संदीप सिंह को सस्पेंड किए जाने के 2-3 दिन बाद ही बहाल कर दिया गया। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एएसआई को सस्पेंड करने को लेकर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज और कैथल की तत्कालीन एसपी उपासना सिंह के बीच ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में तीखी बहस हो गई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।

जानकारी के अनुसार 13 फरवरी को कैथल में हुई जिला ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में जमीन सौदे से जुड़े विवाद की शिकायत सामने आई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एएसआई संदीप सिंह ने जमीन का सौदा करवाने के नाम पर उससे 7 लाख रुपए ले लिए, लेकिन बाद में सौदे से मुकर गया। इस पर मंत्री अनिल विज ने मौके पर ही पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने और जांच पूरी होने तक उसे सस्पेंड रखने के निर्देश दिए थे।

बैठक के दौरान एसपी उपासना सिंह ने कहा था कि संबंधित पुलिसकर्मी उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, क्योंकि उसकी पोस्टिंग कुरुक्षेत्र में है। इसलिए कार्रवाई कुरुक्षेत्र के एसपी ही कर सकते हैं। इसी बात को लेकर मंत्री और एसपी के बीच बहस हो गई थी।

इस विवाद के कुछ दिन बाद उपासना सिंह का कैथल से तबादला हो गया। वहीं 8 अप्रैल को कुरुक्षेत्र के एसपी चंद्रमोहन की ओर से एएसआई संदीप सिंह को सस्पेंड करने का आदेश जारी किया गया। आदेश में डीएसपी हेडक्वार्टर की जांच रिपोर्ट का हवाला दिया गया, जिसमें जमीन विवाद के मामले में संलिप्तता का जिक्र किया गया है।

हालांकि सस्पेंशन के 2-3 दिन बाद ही एएसआई को बहाल कर दिया गया। फिलहाल उसे कुरुक्षेत्र पुलिस लाइन में ड्यूटी पर लगाया गया है और विभागीय जांच जारी है।

शिकायतकर्ता गांव तितरम निवासी मनदीप के अनुसार करीब दो साल पहले गांव के ही एक व्यक्ति के साथ एक एकड़ एक कनाल जमीन खरीदने का सौदा हुआ था। आरोप है कि जमीन एक ही खेवट में बताई गई थी, जबकि बाद में वह पांच अलग-अलग खेवटों में निकली। शुरुआती रकम के तौर पर 7 लाख रुपए लिए गए थे, लेकिन बाद में पैसे वापस नहीं किए गए।

मनदीप का आरोप है कि इस मामले में तितरम थाने में दर्ज केस को प्रभाव में लेकर करनाल ट्रांसफर करवा दिया गया। फिलहाल मामले में पुलिस की विभागीय जांच जारी है और शिकायतकर्ता अपने पैसे वापस दिलाने की मांग कर रहा है।