Kurukshetra Fraud Case: कुरुक्षेत्र में पैसा दोगुना करने के नाम पर ₹1.25 करोड़ की ठगी; पुलिस ने कैथल के दो और मास्टरमाइंड को दबोचा

कुरुक्षेत्र पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने फर्जी कंपनी बनाकर निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चेन सिस्टम और 25 महीने में पैसा डबल करने का झांसा देकर आरोपियों ने ₹1.25 करोड़ हड़पे थे। जानें ठगी का पूरा मामला।

 
गुरबाज सिंह और सोहन सिंह गिरफ्ता

कुरुक्षेत्र : हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पैसा दोगुना करने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में जिला पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने फर्जी कंपनी बनाकर निवेश के नाम पर ठगी करने के आरोप में कैथल निवासी सोहन सिंह और गुरबाज सिंह को काबू किया है।

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि 19 जुलाई को थाना सदर पिहोवा में करण कुमार निवासी पिहोवा ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी गुरबाज सिंह, सोहन सिंह, अनिल सैनी, देव देसवाल, डॉ. राजेश गुजर, राजेश कुमार और पवन बंसल से उसकी अच्छी जान-पहचान थी। इन आरोपियों का सेक्टर-17 में कार्यालय बताया गया था।

शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने उसे एक ऐसी कंपनी के बारे में बताया, जो 25 महीने में पैसे दोगुने करने का दावा करती थी। उन्होंने बताया कि कंपनी चेन सिस्टम पर काम करती है और जितने ज्यादा सदस्य चेन में जुड़ेंगे, उतना अधिक मुनाफा मिलेगा। आरोपियों ने यह भी कहा कि उन्होंने खुद भी इस कंपनी में लाखों रुपये निवेश कर रखे हैं।

उनकी बातों में आकर करण कुमार और उसके साथियों ने इस स्कीम में करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये निवेश कर दिए। कुछ समय बाद जब उन्होंने अपने पैसे निकालने की कोशिश की तो पैसे नहीं मिले। इसके बाद उन्हें अपने साथ धोखाधड़ी होने का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दी।

शिकायत के आधार पर थाना सदर पिहोवा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई, जिसे बाद में अपराध अन्वेषण शाखा-1 को सौंप दिया गया। जांच के दौरान 17 अगस्त 2024 को अपराध अन्वेषण शाखा-1 की टीम ने इस मामले में पवन पंचाल, अनिल कुमार और देवानंद को गिरफ्तार कर लिया था।इसके बाद 6 मार्च 2026 को आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी के मार्गदर्शन में उप निरीक्षक रामपाल की टीम ने कार्रवाई करते हुए सोहन सिंह और गुरबाज सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने दोनों आरोपियों को माननीय अदालत में पेश किया, जहां से अदालत के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।