Kurukshetra Mandi Update: मार्केट कमेटी सचिव हरजीत सिंह ने दिए निर्देश, जनरेटरों के सहारे जारी है तुलाई कार्य

कुरुक्षेत्र में अचानक आए तूफान और बारिश से अनाज मंडियों में खुले में पड़ी धान की फसल भीग गई है। जलभराव और धान के उठान को लेकर किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

 
Kurukshetra grain market paddy

कुरुक्षेत्र। जिले में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने किसानों की सांसे अटका दी हैं। तेज तूफान और मूसलाधार बारिश के कारण अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ी धान की फसल बुरी तरह भीग गई है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव के चलते किसानों और आढ़तियों को अपनी उपज को सुरक्षित ढंकने का मौका तक नहीं मिल पाया, जिससे अन्नदाता की चिंताएं एक बार फिर गंभीर रूप से बढ़ गई हैं। मंडियों के साथ-साथ अभी भी कई किसानों के खेतों में धान की फसल खड़ी हुई है, जिससे बारिश के कारण उन्हें बड़े नुकसान की आशंका सता रही है।

💧 मंडियों में जलभराव और धान के उठान पर प्रशासन मुस्तैद: सचिव हरजीत सिंह ने दी जानकारी, बिजली गुल होने पर जनरेटरों का सहारा

अचानक हुई भारी बारिश के कारण अनाज मंडियों में कई जगहों पर पानी भर गया। थानेसर (कुरुक्षेत्र) के मार्केट कमेटी सचिव हरजीत सिंह ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि इस सीजन में अब तक मंडियों में करीब 16 लाख 12 हजार क्विंटल धान की आवक हुई है, जिसमें से 15 लाख 10 हजार क्विंटल की खरीद हो चुकी है और 11 लाख 78 हजार क्विंटल का उठान किया जा चुका है। वर्तमान में मंडी में लगभग ढाई लाख क्विंटल धान खुले में पड़ा है। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए युद्धस्तर पर सफाई और पानी निकासी का काम जारी है। वहीं, आंधी-तूफान से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण मंडियों में तुलाई कार्य को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक तौर पर जनरेटरों की मदद ली जा रही है।