Haryana Updates: कुरुक्षेत्र लोकल न्यूज़: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में उत्तरपुस्तिका बदलने का मामला, रजिस्ट्रार वीरेंद्र पाल ने क्लर्क को किया सस्पेंड
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (केयू) के फार्मास्यूटिकल साइंसेज विभाग में परीक्षा के दौरान उत्तरपुस्तिकाओं (आंसर शीट) में धांधली और हेरफेर करने के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए क्लर्क सतीश को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।
गौरतलब है कि इसी फर्जीवाड़े के मामले में करीब तीन महीने पहले भी एक अन्य क्लर्क को निलंबित किया जा चुका है। जांच कमेटी द्वारा सामने लाए गए चौंकाने वाले तथ्यों के आधार पर इस मामले में अब तक दो क्लर्कों पर गाज गिर चुकी है।
🧪 जापानी पेन की 'अदृश्य' स्याही से रचा जाता था नकल और उत्तरपुस्तिका बदलने का खेल
मामले की जांच में सामने आए तथ्यों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
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गायब होने वाली स्याही: मई और जून 2026 के दौरान आयोजित परीक्षाओं के दौरान छात्रों द्वारा एक विशेष जापानी पेन की स्याही का इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी। इस स्याही की खासियत यह थी कि लिखने के कुछ समय बाद सूखते ही यह पन्नों से पूरी तरह गायब हो जाती थी।
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उत्तरपुस्तिका का आदान-प्रदान: आरोप है कि परीक्षा हॉल में उत्तर लिखने के बाद जब स्याही सूखकर गायब हो जाती थी, तब संबंधित क्लर्कों की मिलीभगत से उत्तरपुस्तिका को बाहर निकालकर विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाता था।
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दोबारा लिखे जाते थे उत्तर: इसके बाद विद्यार्थी शांत माहौल में अपने साधारण पेन से सही उत्तर लिखते थे और उस उत्तरपुस्तिका को दोबारा परीक्षा शाखा में जमा करवा दिया जाता था, जिसके बाद उसकी चेकिंग करवाई जाती थी।
🕵️♂️ जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद रजिस्ट्रार ने जारी किए निलंबन के आदेश
समय रहते इस सुनियोजित फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ होने पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा तुरंत एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया था। जांच कमेटी ने मामले की गहनता से पड़ताल की और विभागीय क्लर्कों की संलिप्तता के पुख्ता सबूत हासिल किए।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) वीरेंद्र पाल ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि परीक्षा के दौरान उत्तरपुस्तिकाएं बदलने और धांधली का गंभीर मामला सामने आया था। जांच कमेटी की विस्तृत रिपोर्ट में क्लर्क सतीश की प्रत्यक्ष संलिप्तता पाए जाने पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है तथा मामले में आगे की सख्त विभागीय कार्रवाई जारी है।