महिपाल ढांडा का बड़ा बयान: "हरियाणा धर्मशाला नहीं, घुसपैठियों पर होगी कार्रवाई"

हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने वोटर लिस्ट पुनरीक्षण (SIR) पर दी प्रतिक्रिया। कहा- देश धर्मशाला नहीं, घुसपैठियों को बख्शा नहीं जाएगा।
 
अवैध कब्जा कार्रवाई

पानीपत: शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि "इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाना है. इससे सही वोटर का नाम किसी भी स्थिति में नहीं कटेगा और गलत वोटर सूची में नहीं रहेगा."

महिपाल ढांडा की SIR पर प्रतिक्रिया: शिक्षा मंत्री ने कहा कि "मतदाता सूची की जांच के दौरान ये सुनिश्चित किया जाएगा कि जिन लोगों की उम्र 18 वर्ष से अधिक हो चुकी है, उनका नाम सूची में शामिल हो और जिन लोगों का निधन हो चुका है या जो अवैध रूप से वोटर सूची में दर्ज हैं, उनके नाम हटाए जाएं. किसी गांव या कॉलोनी में रहने वाले लोगों को ये अच्छी तरह पता होता है कि कौन वास्तविक निवासी है और कौन नहीं. ऐसे में समाज को भी इस प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए ताकि केवल पात्र नागरिकों के नाम ही मतदाता सूची में बने रहें."

विपक्ष पर साधा निशाना: महिपाल ढांडा ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि "विपक्ष के पास कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं बचा. वो केवल आलोचना करने में लगा हुआ है. कुछ राजनीतिक दलों ने वर्षों तक घुसपैठियों को संरक्षण दिया, जिसके कारण देश के कई हिस्सों में अवैध कब्जे और अन्य समस्याएं पैदा हुईं. जहां भी अवैध तरीके से जमीनों पर कब्जा किया गया है या अवैध निर्माण हुए हैं, वहां कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है. ये देश धर्मशाला नहीं है कि कोई भी घुसपैठिया आकर यहां कब्जा कर ले."

उद्योगपतियों और प्रशासन से सहयोग की अपील: शिक्षा मंत्री ने उद्योग जगत से भी अपील करते हुए कहा कि "उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों की पहचान का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए." उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इस विषय पर चर्चा करने का आग्रह किया. ढांडा ने कहा कि बड़ी औद्योगिक इकाइयों में हजारों लोग कार्यरत हैं, इसलिए ये आवश्यक है कि कोई भी व्यक्ति गलत पहचान या अवैध तरीके से यहां रहकर काम न कर रहा हो. उन्होंने कहा कि उद्योग और प्रशासन मिलकर काम करेंगे तो भविष्य में संभावित अप्रिय घटनाओं को रोका जा सकेगा.