मनीषा न्याय संघर्ष: पंचायत में सीबीआई रिपोर्ट पर सवाल, 13 को श्रद्धांजलि

मनीषा को न्याय दिलाने के लिए भिवानी के ग्रामीणों की पंचायत। सीबीआई रिपोर्ट में विसंगतियों पर चिंता। 13 अगस्त को श्रद्धांजलि सभा और आगामी आंदोलन पर चर्चा।

 
मनीषा केस अपडेट 2026

भिवानी। मनीषा को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लेते हुए गांव ढाणी लक्ष्मण के मुख्य चौक में रविवार को ग्रामीणों और कमेटी सदस्यों की पंचायत हुई। पंचायत में निर्णय लिया कि मनीषा के पिता संजय और उनके साथ एक अन्य व्यक्ति सीबीआई कोर्ट पंचकूला में आवेदन देकर भिवानी और रोहतक की पोस्टमार्टम रिपोर्टों में बताए जा रहे अंतर को स्पष्ट कराने की मांग करेंगे।

पंचायत की अध्यक्षता पूर्व सरपंच शम्भूराम ने की। बैठक में पिछले 10 माह से चल रहे संघर्ष की समीक्षा की गई। पंचायत में बताया कि मनीषा के पिता संजय कुमार और भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में करीब डेढ़ घंटे तक सीबीआई अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस दौरान अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है तथा 14 अगस्त तक रिपोर्ट सीबीआई कोर्ट पंचकूला में प्रस्तुत कर दी जाएगी। पंचायत में सबसे अधिक चर्चा भिवानी और रोहतक की पोस्टमार्टम रिपोर्टों को लेकर हुई। ग्रामीणों का कहना था कि दोनों रिपोर्टों में अंतर है और इसी वजह से पूरे मामले में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कमेटी सदस्यों ने कहा कि जब तक इस विसंगति का स्पष्ट जवाब नहीं मिलता तब तक न्याय अधूरा रहेगा।

13 अगस्त को बाबा धर्मदास मंदिर में होगी श्रद्धांजलि सभा
पंचायत में निर्णय लिया गया कि 13 अगस्त को बाबा धर्मदास मंदिर, मुख्य बस स्टैंड के पास श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। 13 अगस्त 2025 को मनीषा की मौत को एक वर्ष पूरा हो जाएगा लेकिन परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला है। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष मेवा सिंह आर्य ने बताया कि श्रद्धांजलि सभा में देश-प्रदेश के सामाजिक, राजनीतिक और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। सभा में कैंडल जलाकर मनीषा को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

मनीषा की नहीं, हर बेटी की सुरक्षा की लड़ाई
पूर्व सरपंच महाबीर ने कहा कि यह लड़ाई केवल मनीषा की नहीं बल्कि हर बेटी की सुरक्षा की लड़ाई है। सरकार और सीबीआई से अपील है कि 14 अगस्त को प्रस्तुत होने वाली रिपोर्ट में सच्चाई सामने लाए। ऐसा नहीं हुआ तो श्रद्धांजलि सभा में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। भारतीय किसान यूनियन के सचिव आजाद, सरपंच जयसिंह, पूर्व सरपंच शम्भू, रामकिशन, वीरेंद्र और बिजेंद्र गोरा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।