Vikasit Bharat 2047: पिछले 25 वर्षों में भारत ने तय किया आधुनिकता और डिजिटल क्रांति का सफर, हरियाणा को भी मिली बड़ी सौगातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन के 25 वर्ष पूरे होने पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने देश के आर्थिक, डिजिटल और बुनियादी ढांचे के विकास पर विस्तार से चर्चा की।

 
UPI growth 2026

केंद्रीय विद्युत और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने देश के राजनीतिक और प्रशासनिक परिदृश्य पर बात करते हुए बताया कि नरेंद्र मोदी एक सरकार के प्रमुख के रूप में अपने 25 वर्ष पूरे कर रहे हैं। इस लंबी यात्रा की शुरुआत वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से हुई थी, जो आगे चलकर 2014 में भारत के प्रधानमंत्री पद संभालने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित हुई। यह उपलब्धि न केवल समयावधि के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि इस दौर में भारत ने आर्थिक, तकनीकी, बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्रों में अभूतपूर्व परिवर्तन देखे हैं।

💳 डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और UPI का विस्तार: करोड़ों जन धन खातों और आधार नेटवर्क ने बदली देश की तस्वीर

पिछले एक दशक में देश की डिजिटल व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आया है। वर्ष 2015 में शुरू किए गए 'डिजिटल इंडिया' अभियान ने पहचान, बैंकिंग और मोबाइल कनेक्टिविटी का एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया। साल 2026 तक देश में 144 करोड़ से अधिक आधार पहचान और 57.71 करोड़ से अधिक जन धन खाते सक्रिय हो चुके थे। इसके अलावा, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने वित्तीय लेनदेन की परिभाषा बदल दी है, जहाँ वित्त वर्ष 2025-26 में UPI लेनदेन का आंकड़ा 24,162 करोड़ से अधिक और इसका कुल मूल्य लगभग 314 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया।

🛣️ बुनियादी ढांचे का विकास और विनिर्माण पर जोर: सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी के साथ हरियाणा को भी मिली खास सौगातें

सरकार का मुख्य फोकस देश में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर रहा है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय वित्त वर्ष 2014-15 के 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है। रेलवे नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है और देश का मेट्रो नेटवर्क 1,155 किमी से अधिक फैल चुका है। इस विकास यात्रा में हरियाणा का भी विशेष योगदान रहा है, जहाँ गुरुग्राम मेट्रो, एम्स रेवाड़ी, द्वारका एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं के साथ-साथ जींद-सोनीपत के बीच देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन चालित ट्रेन जैसी सौगातें शामिल हैं।

🌍 कल्याणकारी योजनाएं और 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य: वैश्विक मंच पर मजबूत हुई भारत की रणनीतिक स्थिति

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का दावा किया गया है। महामारी के दौरान CoWIN प्लेटफॉर्म के जरिए सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया गया। कूटनीतिक और वैश्विक स्तर पर भारत 'ग्लोबल साउथ' की आवाज बनकर उभरा है, जिसकी मिसाल 2023 की सफल G20 अध्यक्षता है। अब इन सभी सफलताओं को आधार बनाते हुए देश 'विकसित भारत 2047' के दीर्घकालिक और दूरदर्शी लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।