Haryana Success Story 2026: असफलताओं से नहीं मानी हार, नूंह के नाजिम खान बने असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी

नूंह जिले के बिसरू गांव निवासी नाजिम खान का एडीए (असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी) के पद पर चयन हुआ है। मजदूर पिता के बेटे की इस सफलता पर गांव में खुशी का माहौल है।
 
Nazim Khan Advocate Nuh

नूंह। मेवात क्षेत्र के गांव बिसरू निवासी नाजिम खान का असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी (ADA) के पद पर चयन होने के बाद सोमवार को गांव आगमन पर ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया गया। ग्रामीणों और परिजनों ने उन्हें बधाई देकर सम्मानित किया, जिससे पूरे गांव में उत्सव और खुशी का माहौल बना रहा। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय परिवार और ग्रामीणों के सहयोग को देते हुए नाजिम ने कहा कि वे फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत कर रहे हैं और साल 2017 से लगातार न्यायिक सेवाओं की तैयारी में लगे थे। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने से सफलता का रास्ता जरूर खुलता है।

📚 मजदूर पिता ने बेटे को दी उच्च शिक्षा: 'भले ही एक रोटी कम खाओ, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाओ'

नाजिम के पिता सम्मन कुरैशी ने बेहद भावुक होकर कहा कि उन्होंने भले ही जीवन भर मजदूरी की, लेकिन बच्चों की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी। वहीं, गांव के एडवोकेट शाहिद और नाजिम ने मेवात के युवाओं व अभिभावकों से अपील की कि आर्थिक स्थिति जैसी भी हो, बच्चों की शिक्षा को ही पहली प्राथमिकता दें। नाजिम ने कहा कि मेवात में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत बच्चों को सही मार्गदर्शन देने की है। गांव की दो बेटियां पहले भी न्यायिक सेवा में चयनित हो चुकी हैं, जिनसे प्रेरणा लेकर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।