Haryana Martyr Tribute: नूंह के कुरथला गांव में शहीद पार्क के रूप में विकसित होगा स्थल, 21 लाख रुपये देने का ऐलान

नूंह के कुरथला गांव में शहीद अग्निवीर समय सिंह की मूर्ति का अनावरण केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने किया। डेढ़ साल के संघर्ष के बाद परिवार को सम्मान मिला है।

 
Rao Inderjit Singh Haryana

हरियाणा के नूंह जिले के अंतर्गत आने वाले गांव कुरथला में करीब डेढ़ साल के लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद आखिरकार शहीद अग्निवीर समय सिंह को उनका बनता मान-सम्मान मिल गया है। रविवार को आयोजित एक गरिमामयी समारोह में शहीद अग्निवीर समय सिंह की मूर्ति का अनावरण देश के केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि किया। इस अवसर पर क्षेत्रभर से पहुंचे गणमान्य लोगों और ग्रामीणों ने नम आंखों से शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।

🏛️ 'नूंह का कुरथला अब एक साहसिक गांव के रूप में पहचान रखता है'—राव इंद्रजीत सिंह

मूर्ति अनावरण के बाद सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि उन्हें गर्व महसूस हो रहा है कि वे एक देश के वीर शहीद की मूर्ति का अनावरण करने के लिए यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि नूंह का यह छोटा सा गांव कुरथला आज पूरे हरियाणा में एक साहसिक गांव के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुका है, जहां से कुल सात वीर देश के लिए शहीद हुए हैं। मंत्री ने शहीद के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घोषणा की कि गांव में कम्युनिटी सेंटर के निर्माण के लिए 21 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। साथ ही, स्कूल का नामकरण भी शहीद के नाम पर किया गया है।

👨‍👩‍👦 परिजनों का संघर्ष लाया रंग: रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री तक लगाई थी गुहार, शहीद पार्क के रूप में विकसित होगा स्थल

शहीद की बहन पूजा ने बताया कि उनके भाई ने महज 19 वर्ष की कम उम्र में देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी, जिस पर पूरे परिवार को गर्व है। हालांकि, इस सम्मान को पाने के लिए उन्हें प्रशासनिक दफ्तरों के काफी चक्कर काटने पड़े। शहीद के पिता और पूर्व सैनिक दलबीर सिंह ने भावुक होकर बताया कि ग्रामीणों के सहयोग और जिला प्रशासन की मदद से उन्होंने रक्षा मंत्री से मुलाकात करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई थी, तब जाकर यह मुकाम हासिल हुआ है। परिजनों ने मांग की है कि इस शहीद स्थल की देखरेख के लिए दो कर्मचारियों की तैनाती और उचित लाइट की व्यवस्था की जाए ताकि इसे एक आदर्श शहीद पार्क के रूप में विकसित किया जा सके।