नूंह: इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख

नूंह के पिनंगवा में इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में शॉर्ट सर्किट से आग। लाखों का सामान जलकर खाक। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर पाया काबू। जानें पूरी घटना।

 
पिनंगवा बाजार घटना

नूंह : नूंह जिले के पिनंगवा कस्बे में बुधवार सुबह एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. आग की चपेट में आने से दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया. घटना की सूचना डायल-112 और दमकल विभाग को दी गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.

अचानक उठने लगा धुंआ: दुकान संचालक अंकित गर्ग को सुबह सूचना मिली कि उनकी दुकान से धुआं निकल रहा है. सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे. दुकान का शटर खोलने पर अंदर आग की लपटें उठती दिखाई दीं. आग तेजी से फैलने लगी, जिससे दुकान में रखा इलेक्ट्रॉनिक और फिटिंग संबंधी सामान इसकी चपेट में आ गया. पीड़ित दुकानदार अंकित गर्ग ने कहा कि, "सुबह सूचना मिली कि दुकान से धुआं निकल रहा है. मौके पर पहुंचकर देखा तो अंदर आग लगी हुई थी. हमने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन काफी देर तक दमकल नहीं पहुंची. तब तक लाखों रुपये का सामान जल चुका था."

Pinangwa Electronics Showroom Fire

स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा: आग लगने की सूचना के बाद आसपास के व्यापारी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए. दमकल विभाग के समय पर नहीं पहुंचने के कारण लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया. करीब दो घंटे से अधिक समय तक चले प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया जा सका.

15 से 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है. आग से दुकान में रखा इलेक्ट्रॉनिक सामान, फिटिंग सामग्री, पाइप और अन्य उत्पाद पूरी तरह नष्ट हो गए. पीड़ित दुकानदार ने करीब 15 से 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान जताया है. मामले में पिनंगवा सरपंच प्रतिनिधि गिरीराज प्रसाद ने कहा कि, "स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया. समय पर दमकल पहुंच जाती तो नुकसान काफी कम हो सकता था. प्रशासन को ऐसी घटनाओं के लिए त्वरित व्यवस्था करनी चाहिए."

जांच में जुटा प्रशासन: घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में चिंता का माहौल है. प्रशासन और संबंधित विभाग आग लगने के असल कारणों की जांच कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी.