नूंह: ड्यूटी में लापरवाही पर नपाए 2 पुलिसकर्मी, 2 SPO सेवा से डिस्चार्ज
नूंह: अनुशासनहीनता और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में नूंह पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अर्पित जैन ने दो पुलिस कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. एसपी ने दोनों मामलों में नियमित विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए हैं. पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि ईएचसी (एग्जेंपली हेड कांस्टेबल) विजय सिंह घटना के समय थाना सिटी तावडू की ईआरवी-480 के प्रभारी थे. उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो की जांच कराई गई.
नृत्य कार्यक्रम के वीडियो पर एसपी ने लिया संज्ञान: मामले की जांच उप-पुलिस अधीक्षक तावडू द्वारा की गई. रिपोर्ट के अनुसार 11 जून को कंट्रोल रूम से गांव पचगांव में झगड़े की सूचना मिली थी. पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो जांच में पाया गया कि वहां झगड़ा नहीं था, बल्कि एक नृत्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था. इस कार्यक्रम में ड्यूटी के दौरान विजय सिंह मंच के निकट खड़े रहा. जिसका वीडियो वायरल हो गया.
ईएचसी विजय सिंह सस्पेंड: एसपी ने माना कि वीडियो में विजय सिंह मंच के पर मौजूद रहने और कार्यक्रम देखते हुए दिखाई देने से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई. जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक नूंह ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर-लापरवाही एवं अनुशासनहीनता मानते हुए विजय सिंह को निलंबित कर नियमित विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. मामले की जांच उप-पुलिस अधीक्षक महिला विरुद्ध अपराध नूंह को सौंपी गई है.
अनुशासनहीनता के मामले में बुरहान निलंबित: दूसरे मामले में ईएचसी बुरहान को बिना अनुमति पुलिस स्टेशन छोड़ने के आरोप में निलंबित किया गया है. बुरहान थाना सदर तावडू में एमएचसी के पद पर कार्यरत थे. रिपोर्ट के अनुसार बुरहान 07 जून की शाम बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के पुलिस स्टेशन से चले गए थे. उनकी अनुपस्थिति की प्रविष्टि रोज़नामचा में दर्ज की गई. वो लगभग दो दिन 15 घंटे 50 मिनट बाद 10 जून को ड्यूटी पर लौटे. विभाग ने इसे जिम्मेदार पद पर रहते हुए गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना.
फिरोजपुर झिरका के डीसी कर रहे मामले की जांच: पुलिस अधीक्षक नूंह ने बुरहान को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए नियमित विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. इस मामले की जांच डीएसपी फिरोजपुर झिरका को सौंपी गई है. निलंबन अवधि के दौरान दोनों कर्मचारियों का मुख्यालय पुलिस लाइन नूंह रहेगा. पुलिस अधीक्षक नूंह डॉक्टर अर्पित जैन ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
ड्यूटी में लापरवाही का आरोप: इसके अलावा एसपी ने दो विशेष पुलिस (SPO) अधिकारियों को ड्यूटी में गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोपों में सेवा से डिस्चार्ज कर दिया गया है. संबंधित थाना प्रबंधकों की रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर पुलिस अधीक्षक नूंह डॉक्टर अर्पित जैन ने ये कार्रवाई की है.
बिना बताए छुट्टे लेने पर कार्रवाई: पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि "थाना सदर तावडू में चालक के पद पर तैनात एसपीओ मनोज कुमार पर आरोप है कि 10 जून को ड्यूटी के दौरान उसने शराब का सेवन कर सरकारी वाहन चलाया. रिपोर्ट के अनुसार वाहन चलाते समय एक राहगीर महिला को टक्कर लगने से वो घायल हो गई. घटना के बाद संदेह होने पर उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया, जिसमें डॉक्टर द्वारा उसके मुंह से शराब की गंध आने का उल्लेख किया. इसके अलावा घटना के अगले दिन से वह बिना सूचना के लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित भी पाया गया."
तीन सस्पेंड, एक को नौकरी से निकाला: नूंह एसपी डॉक्टर अर्पित जैन ने इस कृत्य को पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वाला बताया और कहा कि "थाना नगीना में सामान्य ड्यूटी पर तैनात एसपीओ नरसीराम 04 मई से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा था. पुलिस अधिकारियों द्वारा फोन के माध्यम से संपर्क करने के बावजूद उसने ड्यूटी पर लौटने से इनकार कर दिया. थाना प्रबंधन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और लापरवाही मानते हुए उसे सेवा से डिस्चार्ज करने की अनुशंसा की थी. पुलिस विभाग के अनुसार अनुशासित बल में कार्यरत कर्मचारियों से उच्च स्तर की जिम्मेदारी और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है. ऐसे मामलों में विभागीय नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है ताकि पुलिस व्यवस्था में अनुशासन और जवाबदेही बनी रहे."

