Shikrawa PHC Building Condition: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा स्वास्थ्य केंद्र? महज 13 साल में इमारत में आई बड़ी दरारें, मचा हड़कंप
नूंह: नूंह जिले के शिकरावा गांव का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बदहाली का शिकार हो गया है. साल 2013 में शुरू हुआ करीब 2.13 करोड़ रुपये की लागत वाला भवन महज 13 साल में इतना जर्जर हो चुका है कि स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी यहां काम करने से डरने लगे. भवन की छत, दीवारों और छज्जों के बाद अब पिलरों में भी बड़ी दरारें आ गई हैं.
हादसे की आशंका से खाली कराया भवन: शिकरावा PHC भवन की लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को यहां से हटाकर करीब 8 किलोमीटर दूर पिनगवां सीएचसी में तैनात कर दिया है. अस्पताल परिसर में अब केवल डिलीवरी हट संचालित हो रहा है. इसे भी अगले सप्ताह शिकरावा स्थित सब सेंटर में शिफ्ट करने की तैयारी है.
2.13 करोड़ के भवन पर उठे सवाल: दरअसल, पीएचसी भवन करीब तीन से चार एकड़ में बनाया गया था और इसके निर्माण पर लगभग 2.13 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. ग्रामीणों का कहना है कि भवन में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण इतनी कम अवधि में ही इसकी स्थिति खराब हो गई. अब भवन के कई हिस्से सुरक्षा के लिहाज से चिंता का कारण बने हुए हैं.
दर्जनों गांवों के लोगों का होता था इलाज: ग्रामीणों के अनुसार शिकरावा पीएचसी से जहटाना, ख्वाजली कलां, सटकपुरी, शिकरावा, खोंटा, जालीका, रसूलपुर, गुलालता, कुहूकबान और रीठट समेत आसपास के कई गांवों के लोग इलाज कराते थे. स्टाफ के हटने से इन गांवों के लोगों को सरकारी अस्पतालों के लिए दूर जाना पड़ रहा है. ग्रामीण खुर्शीद ने कहा कि, "करीब एक महीने पहले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी यहां से चले गए. अब इलाज के लिए लोगों को दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ रहा है." वहीं, ग्रामीण अब्दुल्ला ने कहा कि, "पीएचसी बंद होने से आसपास के गांवों के लोगों को काफी परेशानी हो रही है. कई लोगों को दूर के सरकारी या निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है."
डिलीवरी हट को भी शिफ्ट किया जाएगा: इसके अलावा ग्रामीण परवेज ने कहा कि, "शिकरावा का डिलीवरी हट काफी अच्छा माना जाता था. अस्पताल की हालत खराब होने के कारण अब इसे भी सब सेंटर में ले जाने की तैयारी है."
"नए भवन के बाद ही पूरी सेवाएं होंगी बहाल": इसके अलावा डिप्टी सिविल सर्जन एवं सीएमओ डॉ. विशाल सिंगला ने कहा कि, "शिकरावा पीएचसी भवन की खस्ता हालत को देखते हुए डिलीवरी हट को सब सेंटर में शिफ्ट किया जा रहा है. स्टाफ को पिनगवां सीएचसी में तैनात किया गया है. इस मामले की फाइल तैयार कर चंडीगढ़ के आला अधिकारियों को भेजी गई है. नया पीएचसी भवन बनने के बाद ही गांव में पूरी तरह स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो पाएंगी."
2013 में हुआ था अस्पताल का उद्घाटन: शिकरावा पीएचसी भवन वर्ष 2013 में शुरू हुआ था. 4 अक्टूबर 2013 को तत्कालीन कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने इसका उद्घाटन किया था. उस समय बीके राजौरा सिविल सर्जन और विनय सिंह यादव नूंह के डीसी थे. पीएचसी में डॉक्टर मनीष और डॉक्टर यावर आलम की नियुक्ति थी. इसके अलावा पैरामेडिकल स्टाफ भी तैनात था. भवन की खराब हालत के कारण अब यह स्टाफ पिनगवां सीएचसी में सेवाएं दे रहा है. खास बात यह है कि यहां का डिलीवरी हट जिले के बेहतर डिलीवरी हटों में शामिल माना जाता था.
शिक्षित गांव के रूप में पहचान: बता दें कि शिकरावा नूंह जिले के शिक्षित गांवों में शामिल है. यहां 6 हजार से अधिक मतदाता, करीब 2 हजार मकान और 15 हजार से अधिक आबादी बताई गई है. गांव से करीब 1000 से 1200 सरकारी अधिकारी-कर्मचारी जुड़े हैं. गांव के तीन लोग जज हैं, जबकि शाहबाज अहमद भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचे हैं.