Palwal News Snake Bite Superstition: एंटी-वेनम के साथ झाड़-फूंक का सहारा, पलवल सिविल अस्पताल से हैरान करने वाला मामला आया सामने
पलवल के सिविल अस्पताल परिसर में सांप के काटने से पीड़ित युवती की झाड़-फूंक कराने का वीडियो वायरल। डॉक्टरों ने एंटी-वेनम देकर मरीज को नल्लड़ रेफर किया।
पलवल:21वीं सदी में भी अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका हैरान करने वाला मामला पलवल से सामने आया है. दरअसल, सांप के काटने के बाद इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंची करीब 20 वर्षीय युवती की अस्पताल परिसर में ही झाड़-फूंक कराई गई. इसका वीडियो सामने आया है. वीडियो में एक व्यक्ति नीम की पत्तियों से युवती का झाड़ा लगाता दिखाई दे रहा है.
खेत में काम करते समय सांप ने काटा: दरअसल, चांदहट गांव की रहने वाली बबीता 18 अगस्त को खेत में काम कर रही थीं. इसी दौरान सांप ने उनके हाथ पर काट लिया. सांप के काटने के बाद परिजन उन्हें तुरंत पलवल के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे. अस्पताल में डॉक्टरों ने युवती की स्थिति को देखते हुए इलाज शुरू किया और जरूरी चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की.
इमरजेंसी के बाहर मिला झाड़-फूंक करने वाला: परिजनों के मुताबिक अस्पताल में इलाज के दौरान उन्हें इमरजेंसी के बाहर एक व्यक्ति मिला. उसने दावा किया कि वह झाड़-फूंक के जरिए सांप का जहर निकाल सकता है. इसके बाद परिजन उसे अस्पताल परिसर में ही ले आए. वीडियो में युवती फर्श पर बैठी दिखाई दे रही है और सामने बैठा व्यक्ति नीम की पत्तियों से उसका झाड़ा लगा रहा है.
उंगलियां दबाईं, नीम की पत्तियां खिलाईं: वीडियो में व्यक्ति युवती की उंगलियां दबाता और उस पर नीम की पत्तियां फेरता नजर आ रहा है. इसके बाद वह कुछ नीम की पत्तियां तोड़कर युवती को खाने के लिए भी देता दिखाई देता है. युवती की हालत वीडियो में कमजोर नजर आ रही है. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो अस्पताल परिसर के किस हिस्से में बनाया गया.
डॉक्टरों ने लगाया एंटी-वेनम इंजेक्शन: वहीं, अस्पताल प्रशासन के अनुसार युवती को सांप के काटने के बाद चिकित्सकीय उपचार दिया गया. डॉक्टरों ने उसे एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाया. इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उसे नल्लड़ मेडिकल कॉलेज-अस्पताल रेफर किया गया. परिजनों के अनुसार वहां उपचार के बाद बबीता को छुट्टी दे दी गई और फिलहाल उसकी हालत ठीक है.
अस्पताल में झाड़-फूंक की अनुमति नहीं: मामले में पलवल सिविल अस्पताल के SMO डॉ. संजय ने कहा कि, "अस्पताल में झाड़-फूंक की अनुमति नहीं है. डॉक्टरों ने किसी झाड़ा लगाने वाले व्यक्ति को नहीं बुलाया था. परिजन ही बाहर से उस व्यक्ति को लेकर आए थे. जानकारी मिलने के बाद उसे अस्पताल परिसर से बाहर कर दिया गया." SMO ने वीडियो को लेकर कहा कि, "यह वीडियो इमरजेंसी वार्ड के अंदर का नहीं है, बल्कि अस्पताल के दूसरे हिस्से का है. अस्पताल में मरीजों को चिकित्सकीय उपचार दिया जाता है और झाड़-फूंक जैसी गतिविधियों की अनुमति नहीं है."
रास्ते में देसी हकीम से भी दवा पिलाई: वहीं, परिजनों ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में उन्होंने एक देसी हकीम से भी दवा पिलाई थी. ऐसे में यह मामला केवल अस्पताल परिसर में हुई झाड़-फूंक तक सीमित नहीं है, बल्कि सांप काटने जैसी आपात स्थिति में वैज्ञानिक इलाज के साथ अंधविश्वास के सहारे की प्रवृत्ति को भी सामने लाता है.
समय पर इलाज ही सबसे जरूरी: सांप के काटने की स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना और चिकित्सकीय उपचार लेना बेहद जरूरी है. इस मामले में राहत की बात यह रही कि बबीता को अस्पताल में एंटी-वेनम दिया गया और आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया. झाड़-फूंक से जहर निकालने के दावे के बजाय ऐसे मामलों में प्रशिक्षित डॉक्टरों से उपचार कराना ही सुरक्षित रास्ता है.

