पलवल: ओमेक्स सिटी में डीटीपी का पीला पंजा, ग्रीन बेल्ट से हटाए अवैध कब्जे

पलवल की ओमेक्स सिटी में डीटीपी अनिल मलिक की बड़ी कार्रवाई। हाईकोर्ट के आदेश पर ग्रीन बेल्ट और राइट ऑफ वे से हटाए गए अवैध निर्माण। स्थानीय लोगों ने किया भारी विरोध।

 
ओमेक्स सिटी ग्रीन बेल्ट विवाद

पलवल: जिला नगर योजनाकार विभाग मंगलवार को एक्शन मोड में दिखाई दिया। विभाग ने हाउसिंग सोसायटी ओमेक्स सिटी में जबरदस्त तोड़ फोड़ की कार्रवाई की। जिला नगर योजनाकार अनिल मलिक के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के तहत ओमेक्स सिटी में ग्रीन बेल्ट पर लगाई गई ग्रिल, गेट व गार्ड रूम तोड़ दिए गए। ग्रीन बेल्ट पर लगे बोर्ड, जनरेटर व टीन शेड भी उखाड़ दिए। 

इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध जताया। कई लोगों ने कार्रवाई रुकवाने के लिए मंत्रियों व नेताओं से डीटीपी की बात कराने का प्रयास किया, परंतु डीपीटी मलिक किसी से भी बात नहीं की।  जिला नगर योजनाकार अनिल मलिक ने बताया कि माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ ने सुनील कुमार बनाम हरियाणा सरकार के मामले में सुनवाई करते हुए हरियाणा राज्य में रेजिडेंशियल प्लॉट हेतु स्टिल्ट+4 फ्लोर पॉलिसी के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी गई है। 

राइट ऑफ वे पर अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के अनुसार सडक़ों के रास्ते के अधिकार (राइट ऑफ वे) पर हरित पट्टी, लॉन, लैंडस्केप एरिया, बाउंड्री वॉल के रूप में किए गए सभी प्रकार के अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही ऐसे सभी नियम उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं, जो रेजिडेंशियल प्लॉट में स्टिल्ट फ्लोर का बिना अनुमति उपयोग, कब्जा या अवैध निर्माण कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि सभी कॉलोनाइजरों, डेवलपर्स, प्लॉट/फ्लोर मालिकों, कब्जाधारियों, निवासी कल्याण संघों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों को अखबार के माध्यम व नोटिस चस्पा कर आंतरिक सडक़ों के राइट ऑफ वे पर किए गए अतिक्रमणों को 24 घंटे के भीतर स्वयं हटाने के निर्देश दिए थे। 

इसके अतिरिक्त स्टिल्ट फ्लोर में किसी भी प्रकार के अनाधिकृत उपयोग, कब्जा या अवैध निर्माण को तुरंत बंद करने के भी निर्देश दिए गए थे। समयावधि पूरा होने पर कार्रवाई शुरू की गई है। पलवल शहर में करीब 18 कॉलोनी व रिहायशी सोसायटी व होडल में दो कॉलोनियों पर कार्रवाई की जानी है। इस कार्रवाई को दो दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह अनुचित है। सोमवार शाम को सात बजे नोटिस चस्पा किए गए थे और सुबह साढ़े 10 बजे तोड़फोड़ शुरू कर दी गई, जबकि नोटिस में 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने की बात थी।