पलवल: बकरी की लस्सी पीते ही परिवार के 7 लोग गंभीर, मची अफरा-तफरी

पलवल के चांदहट गांव में बकरी की लस्सी पीने के बाद एक ही परिवार के 7 लोग गंभीर बीमार। अस्पताल में भर्ती, नल्हड़ मेडिकल कॉलेज रेफर। जहरीले पदार्थ की आशंका।

 
पलवल अस्पताल मेडिकल केस

पलवल : पलवल के गांव चांदहट से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां बकरी के दूध से बनी लस्सी पीने के बाद एक ही परिवार के सात लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सभी को गंभीर हालत में पलवल के नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब तीन घंटे तक इलाज करने के बाद उन्हें नूंह के शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ रेफर कर दिया। मामले में दूध में जहरीला पदार्थ मिलने या किसी अन्य कारण की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

जानकारी के अनुसार, चांदहट गांव निवासी परिवार पिछले करीब दो वर्षों से बकरी पालन कर अपनी आजीविका चला रहा है। परिवार के पास करीब 20 बकरियां हैं। रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बकरियों का दूध निकालकर उससे लस्सी बनाई गई, जिसे परिवार के सात सदस्यों ने पिया। लस्सी पीने के महज 15 से 20 मिनट बाद तीन बच्चों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए और देखते ही देखते परिवार के अन्य सदस्य भी बेहोश होने लगे।

परिजन पहले उन्हें गांव के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां से सभी को तुरंत पलवल के नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचने पर सभी सातों की हालत गंभीर थी। इमरजेंसी में तीन डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने करीब तीन घंटे तक लगातार उपचार कर पेट से जहरीले तत्व निकालने का प्रयास किया। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सभी को सरकारी एंबुलेंस से नल्हड़ मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। रेफर किए जाने के समय दो बच्चों और एक बुजुर्ग की हालत सबसे ज्यादा गंभीर बताई गई।

परिजनों ने आशंका जताई है कि किसी ने दूध में जहरीला पदार्थ मिला दिया हो सकता है। वहीं पीड़ित सोनू का कहना है कि उनकी एक बकरी दिन में बीमार थी और उसे दूध निकालने से पहले दवा भी नहीं दी गई थी। उन्होंने यह संभावना भी जताई कि खेतों में डाले गए कीटनाशक के संपर्क में आने से भी दूध प्रभावित हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा होता तो पहले बकरी की मौत होती। फिलहाल पूरे मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह किसी साजिश का मामला है या फिर जहरीले पदार्थ का कोई अन्य स्रोत।