पंचकूला साइबर ठगी: 30 लाख हड़पने वाला मुख्य आरोपी देहरादून से गिरफ्तार
पंचकूला: साइबर क्राइम थाना टीम ने करीब दो वर्ष पुराने एक हाई-वैल्यू साइबर ठगी मामले में पहली गिरफ्तारी करते हुए एक मुख्य आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया है. साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के अनुसार 1 जुलाई 2024 को भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 419 व 420 के तहत एक केस दर्ज किया गया था. पंचकूला निवासी शिकायतकर्ता ने साइबर पोर्टल पर उसके साथ ऑनलाइन बिजनेस और निवेश के नाम पर करीब 30 लाख 52 हजार 990 रुपये की ठगी किए जाने की शिकायत दर्ज करवाई थी.
ऑनलाइन सेलर बनकर कमाई का झांसा: मामले के शिकायतकर्ता के अनुसार अप्रैल 2024 में उसकी इंस्टाग्राम आईडी पर एक महिला प्रोफाइल द्वारा संपर्क किया गया. बातचीत के दौरान आरोपी पक्ष ने स्वयं को सिंगापुर स्थित फैशन डिजाइनिंग और ऑनलाइन स्टोर संचालन से जुड़ा बताया. शिकायतकर्ता को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेलर बनकर कमाई करने का झांसा दिया गया. भरोसे में लेकर शिकायतकर्ता से एक वेबसाइट पर अकाउंट बनवाया गया और शुरुआत में कम राशि जमा करवाकर भुगतान लौटाया गया, जिससे विश्वास बढ़ा. फिर अलग-अलग चरणों में शिकायतकर्ता से लाखों रुपये ऑनलाइन वॉलेट और कथित बिजनेस रिचार्ज के नाम पर जमा करवाए गए. आरोपी पक्ष लगातार डॉलर में लाभ दिखाता रहा और बाद में कथित मुनाफा निकालने के लिए अतिरिक्त टैक्स जमा कराने की मांग की गई. जब शिकायतकर्ता को संदेह हुआ तो पता बड़े स्तर पर साइबर ठगी हो जाने का पता लगा.
आरोपी का दो दिन का रिमांड लिया: डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के अनुसार मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड, संबंधित संस्थानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से आवश्यक जानकारी जुटाई. जांच के दौरान एक बैंक खाता सामने आया, जो देहरादून स्थित एक कंसल्टेंसी के नाम पर संचालित पाया गया. जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी मोहित मार्क उर्फ मोन्टू निवासी देहरादून को 17 जून 2026 को देहरादून से गिरफ्तार किया गया. आरोपी को कोर्ट में पेश कर उसका दो दिन का रिमांड हासिल किया गया है. पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा दिए गए खुलासे के आधार पर पुलिस अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की जांच में जुटी है.
पुराने मामलों को प्राथमिकता: डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने कहा कि, "पंचकूला पुलिस साइबर अपराध के मामलों को लेकर गंभीरता से काम कर रही है. पुराने मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चाहे मामला कितना भी पुराना क्यों न हो, साइबर अपराध में शामिल आरोपियों को कानून के दायरे में लाकर कार्रवाई की जाएगी."

