Committee Haryana: पंचकूला स्कूल कांड: मानवाधिकार आयोग की टीम ने किया दौरा, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

पंचकूला के सरकारी स्कूल में KG की बच्ची से मारपीट पर मानवाधिकार आयोग ने दौरा किया और बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तृप्ति श्योराण ने DEO से 3 दिन में जवाब मांगा।
 
Tripti Sheoran Child Rights Commission

पंचकूला के एक सरकारी स्कूल में केजी (KG) कक्षा में पढ़ने वाली 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई कथित बेरहमी और मारपीट के सनसनीखेज मामले ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक घटना की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HCPCR) ने स्वतः संज्ञान लिया है।

हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तृप्ति श्योराण ने मामले में तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए पंचकूला के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 3 दिनों के भीतर पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत जवाब तलब किया है।

⚖️ हरियाणा मानवाधिकार आयोग की टीम ने किया स्कूल का दौरा, घटनास्थल का लिया जायजा

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हरियाणा मानवाधिकार आयोग (HHRC) की एक उच्चस्तरीय टीम ने शनिवार को संबंधित सरकारी स्कूल का दौरा किया। टीम ने घटनास्थल का बारीक निरीक्षण किया और परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया।

  • परिजनों का गुस्सा: बच्ची के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन, सुरक्षा गार्ड्स और सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था में घोर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।

  • जांच में तेजी: हरियाणा सरकार द्वारा पहले ही इस मामले में एक विशेष जांच कमेटी गठित की जा चुकी है, जिसके बाद मानवाधिकार आयोग की टीम के सीधे स्कूल पहुंचने से प्रशासनिक स्तर पर खलबली मच गई है।

🛡️ "स्कूली बच्चों की मानसिकता और व्यवहार के आकलन के लिए बनेगा नया सिस्टम"—जस्टिस ललित बत्रा

हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष चेयरमैन जस्टिस ललित बत्रा ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि:

  • गंभीर स्टडी: आयोग पंचकूला स्कूल की इस दुखद घटना की तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर विस्तृत स्टडी करेगा।

  • खामियों की पहचान: स्कूल सुरक्षा में रही सभी खामियों की पहचान कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

  • सरकार को सिफारिश: उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों की मानसिक स्थिति को समझने और उनके व्यवहार का समय रहते आकलन करने के लिए एक स्थायी काउंसलिंग व निगरानी सिस्टम विकसित करने की सिफारिश राज्य सरकार से की जाएगी।