पंचकूला: माता मनसा देवी मंदिर में बनेगी 13 करोड़ की भव्य हनुमान वाटिका
पंचकूला के माता मनसा देवी मंदिर में 13 करोड़ की लागत से हनुमान वाटिका बनेगी। मंदिर परिसर में पशुपतिनाथ मंदिर, गेस्ट हाउस और एस्केलेटर जैसे विकास कार्यों की जानकारी।
पंचकूला: पंचकूला स्थित सिद्ध शक्तिपीठ माता मनसा देवी मंदिर परिसर में लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में बनने वाली भव्य हनुमान वाटिका के डिजाइन को अंतिम रूप दे दिया गया है. इस वाटिका को एक प्रमुख दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न थीम आधारित कुंज बनाए जाएंगे. इस हनुमान वाटिका का निर्माण हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा लगभग 13 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से कराया जाएगा.
मुख्य प्रशासक की अध्यक्षता में बैठक: यह जानकारी उपायुक्त एवं माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड के मुख्य प्रशासक सतपाल शर्मा की अध्यक्षता में पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में दी गई. बैठक में हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे. इस दौरान माता मनसा देवी मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
वाटिका के कुंज, फव्वारे और पेड़-पौधे: इस हनुमान वाटिका में रघुनंदन कुंज, जानकी कुंज, हनुमान कुंज, तुलसी कुंज, लव-कुश कुंज और नल-नील कुंज विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा यहां यज्ञशाला, आकर्षक फव्वारे और विभिन्न प्रजातियों के पौधे और वृक्ष लगाए जाएंगे, ताकि वाटिका का स्वरूप और अधिक भव्य एवं आकर्षक बन सके.
विस्तृत एस्टीमेट और एसपी तैयार करें: उपायुक्त सतपाल शर्मा ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को अगले दस दिनों के भीतर परियोजना का विस्तृत एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि इसे शीघ्र अनुमोदन के लिए भेजकर निर्माण कार्य शुरू किया जा सके. उन्होंने हनुमान वाटिका के निर्माण के लिए जल्द से जल्द स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करने के निर्देश भी दिए.
कैलाश पर्वत पर होंगे भगवान शिव: बैठक में मंदिर परिसर में प्रस्तावित पशुपतिनाथ मंदिर के निर्माण को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई. इस भव्य मंदिर के डिजाइन को अंतिम रूप दे दिया गया है. मंदिर की परिकल्पना कैलाश पर्वत पर आधारित एक पिरामिडीय संरचना के रूप में की गई है, जिसमें भगवान शिव (पिरामिड) कैलाश पर्वत पर विराजमान दिखाई देंगे. भगवान शिव के गले में नाग भी दिखाई देगा. इस परिकल्पना के अंतर्गत शिवलिंगाकार गर्भगृह का निर्माण प्रस्तावित है, जो 32 स्तंभों वाले भव्य बरामदों से घिरा होगा. गर्भगृह के चारों ओर जल से भरी खाई (मानसरोवर) बनाई जाएगी, जिसमें कमल इसकी सुंदरता को और बढ़ाएंगे. मंदिर में चारों दिशाओं से स्वास्तिक आकार में निर्मित प्रवेश द्वारों के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रवेश की सुविधा उपलब्ध होगी.
संस्कृत महाविद्यालय का 70% काम पूरा: श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल परिसर में निर्माणाधीन संस्कृत महाविद्यालय की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त सतपाल शर्मा ने लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) को उच्च शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. बताया गया कि महाविद्यालय भवन का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य 31 दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है. उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग को मंदिर भवन की संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित करने, मुख्य मंदिर भवन एवं भितरी चित्रों की मरम्मत और संरक्षण कार्य बिना देरी के शुरू करवाने के निर्देश दिए. मंदिर परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें.
तीन मंजिल गेस्ट हाउस और एस्केलेटर: बैठक में बताया गया कि यात्री निवास भवन की प्रथम, दूसरी और तीसरी मंजिल को गेस्ट हाउस के रूप में विकसित किया जा रहा है. यात्री निवास के निर्माण कार्य और फर्नीचर लगाने का काम लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है, जिसे 15 अगस्त 2026 तक पूरा किए जाने की संभावना है. बैठक में बताया गया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा 1096.31 लाख रुपये की लागत से मुख्य मंदिर में निर्माणाधीन अतिरिक्त प्रवेश गलियारे के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वचालित सीढ़ियों (एस्केलेटर) की स्थापना की जा रही.
लक्ष्मी धर्मशाला भवन का नवीनीकरण: इसके अतिरिक्त प्राधिकरण द्वारा 479.26 लाख रुपये की लागत से लक्ष्मी धर्मशाला भवन के नवीनीकरण का काम भी कराया जा रहा है, जिसे 15 सितंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा. बैठक में श्री काली माता मंदिर, कालका की ओर जाने वाली सड़कों पर दो सिंह द्वारों के निर्माण, काली माता मंदिर में कमल आकृति के भवन के निर्माण और मनसा देवी परिसर में मनसा भवन और अन्य विकास कार्यों की प्रगति समीक्षा भी की गई. बोर्ड के गैर-सरकारी सदस्यों द्वारा सुझाव भी दिए गए.

