Panchkula Civic Amenities Transfer: पंचकूला के लोगों को बड़ी राहत, वॉटर सप्लाई और सीवरेज का जिम्मा अब नगर निगम के पास
पंचकूला: पंचकूला शहर के लोगों को अब नगर निगम और एचएसवीपी में बंटी जन सुविधाओं का लाभ लेने के लिए न तो कई-कई दिन इंतजार करना पड़ेगा और न ही अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर काटने होंगे. दरअसल, बीते काफी समय से नागरिक सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रक्रिया संबंधी कामकाज नगर निगम और एचएसवीपी के बीच बंटा था, जो प्रशासनिक गतिरोध अब समझौता होने से खत्म हो गया है. नतीजतन, महत्वपूर्ण जन सुविधाओं संबंधी अधिकांश कामकाज को निपटाना अब निगर निगम की जिम्मेदारी होगी.
वॉटर सप्लाई-सीवरेज और 9 सेक्टरों का ट्रांसफर: मेयर शाम लाल बंसल ने कहा कि, "पंचकूला के विकास और नागरिक सुविधाओं पर पहले नगर निगम और एचएसवीपी, दोनों का नियंत्रण था. लेकिन समस्याएं होने पर लोग शिकायत लेकर नगर निगम पहुंचते थे, जबकि काम निपटाना एचएसवीपी के अधिकार क्षेत्र में होता था. हमने इस समस्या से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अवगत कराया, जिनके आदेश पर अब सभी महत्वपूर्ण नागरिक सुविधाओं और सेक्टरों की जिम्मेदारी एचएसवीपी द्वारा समझौते के तहत नगर निगम को सुपुर्द कर दी गई हैं. इस कामकाज को लेकर निगम और एचएसवीपी के बीच औपचारिक समझौता किया गया है. इस समझौते पर एचएसवीपी की ओर से एडमिनिस्ट्रेटर मोनिका गुप्ता और नगर निगम कमिश्नर विनय कुमार ने हस्ताक्षर किए हैं."
अब इन कार्यों की जिम्मेदारी निगम की: मेयर ने कहा कि, "समझौते के अनुसार अब पंचकूला शहर की वॉटर सप्लाई, सीवरेज और 9 प्रमुख सेक्टरों की आंतरिक सड़कें, पार्क, स्ट्रीट लाइट्स, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज का मालिकाना हक और रख-रखाव नगर निगम, पंचकूला के आधिकार क्षेत्र में है. नतीजतन शहर के बाशिंदों को अब जलापूर्ति, सीवरेज और सड़क संबंधी समस्याओं के लिए कभी एचएसवीपी तो कभी निगम के चक्कर नहीं लगाने होंगे. अब महज नगर निगम में शिकायत व सूचना देकर सुविधा ली जा सकेगी."
एक दिन में मिल सकेगी सुविधा: मेयर शाम लाल बंसल ने कहा कि, "नागरिक सुविधाओं का लाभ लेने के लिए लोग अब एचएसवीपी के बजाय नगर निगम को सूचना या शिकायत दें. शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित कर्मचारी/एक्सियन तुरंत आवश्यक कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि पहले जिस किसी काम या समस्या का समाधान होने में दो-चार दिन का समय लगता था, वह अब केवल एक दिन में पूरा होगा. सभी प्रकार के कामकाज का समय रहते निपटान सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ भी अगले चंद दिनों में आ जाएगा, जिसके बाद सभी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से संचालित होंगी."
नागरिक सुविधाओं का डिजिटलीकरण: मेयर ने नागरिक सुविधाओं के डिजिटलीकरण को लेकर कहा कि, "नागरिक सुविधाओं का लाभ जल्द देने के लिए अब ऑफलाइन मोड के साथ सभी अधिकांश प्रक्रियाओं को ऑनलाइन भी किया जा रहा है. इससे लोग अपनी समस्या बताकर उसका समाधान तुरंत करवा सकेंगे. निगम की शक्तियां बढ़ने से शहरवासियों को अब डायरेक्ट लाभ मिल सकेगा और लोगों की निगम के प्रति लोगों की नाराजगी भी दूर होगी. क्योंकि पहले उक्त कामकाज एचएसवीपी के अधिकार क्षेत्र में था लेकिन लोगों को लगता था कि निगम की ओर से देरी की जाती है."
नई इमारत के लिए टेंडर कॉल: मेयर शाम लाल बंसल ने कहा कि, "मौजूदा समय में नगर निगम के कार्यालय तीन सेक्टरों, सेक्टर सेक्टर-4, सेक्टर-12/ए और सेक्टर-14 में हैं, जो बिखरे हुए दिखाई देते हैं. आगामी करीब 8-9 महीने में नगर निगम के सभी कार्यालय, सेक्टर 3 स्थित नगर निगम की नई बिल्डिंग में एक छत के नीचे आ जाएंगे. इससे नागरिक सुविधाओं संबंधी कामकाज में ओर भी तेजी आ जाएगी. सेक्टर 3 की नई बिल्डिंग के लिए टेंडर कॉल कर लिए गए हैं और इस चरण के पूरा होने के बाद काम का तेजी से निपटाया जाएगा."
इन चुनौतियों को किया जाएगा दूर:
- मौजूदा समय में नगर निगम पंचकूला का कार्यालय सेक्टर 14 स्थित किराए की बिल्डिंग में संचालित है और उक्त अन्य सेक्टरों के सामुदायिक केंद्रों में शाखाएं संचालित हैं. नतीजतन, निगम के सामने अब वॉटर सप्लाई के करीब 450 कर्मचारियों और मीटर रीडरों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने की चुनौती है. हालांकि नई बिल्डिंग का काम पूरा होने के बाद यह समस्या नहीं रहेगी लेकिन उससे पहले कर्मचारियों को स्थान देने पर विचार किया जा रहा है.
- पंचकूला में करीब 200 ट्यूबवेलों के जरिए लाखों उपभोक्ताओं के पानी के बिल तैयार करना, रिकवरी का काम, पुराने डिफाल्टरों से बकाया वसूली और नए कनेक्शन जारी करने की जिम्मेदारी का कामकाज सुपुर्द होना भी शेष है.
चार दशक पुराना सीवरेज सिस्टम: पंचकूला शहर का सीवरेज सिस्टम करीब चार दशक पुराना है. इस कारण बारिश में हर बार सर्कुलर ब्रिक्स ड्रेन धंसने और सीवरेज बैक मारने की समस्या बनती है. वहीं, इंजीनियर विंग के लिए पूर्व तकनीकी अनुभव के बिना जल्द राहत पहुंचाना मुश्किल भरा रह सकता है.हालांकि, मेयर शाम लाल बंसल ने कहा कि, "संबंधित कामकाज के लिए जितने स्टाफ की जरूरत महसूस होगी, मुख्यमंत्री द्वारा उतने कर्मचारी निगम को दिए जाने के आदेश हैं."