Panchkula Real Estate & Traffic: लीगल अड़चनें दूर, आईटी पार्क व सकेतड़ी से सुखना झील का रास्ता हुआ बेहद आसान

पंचकूला से सुखना झील का सफर 20 मिनट से घटकर 5 मिनट रह जाएगा। ₹4.60 करोड़ से नया त्रिकोणीय मार्ग तैयार हो रहा है।
 
चंडीगढ़ ट्रिसिटी ट्रैफिक अपडेट

पंचकूला: पंचकूला से चंडीगढ़ की सुखना झील का सफर तय करने में अब महज चंद मिनटों का ही समय लगेगा और वह भी किसी एक दिशा से नहीं, बल्कि यह सफर तीन दिशाओं से आसान होने वाला है. दरअसल, पंचकूला डॉल्फिन चौक से आईटी पार्क जाने वाली सड़क, गांव सकेतड़ी की ओर जाने वाली सड़क और चंडीगढ़ की सूखना झील के रेगुलेटरी एंड तक नया त्रिकोणीय मार्ग बनाया जा रहा है. इनमें से दो दिशाओं से सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि एमडीसी सेक्टर-1 स्थित री-क्रिएशन पार्क के सामने की सड़क का निर्माण कार्य भी जल्द पूरा होने वाला है.

नतीजतन गांव सकेतड़ी, मनसा देवी कंपलेक्स (एमडीसी), पंचकूला और आईटी पार्क क्षेत्र में रहने वाले लोगों का सूखना झील तक का आवागमन आसान और आरामदायक हो जाएगा.

4.60 करोड़ रूपये के खर्च से रास्ता तैयार: पंचकूला के डॉल्फिन चौक से सूखना झील के रेगुलेटरी एंड तक के रास्ते एवं सड़क निर्माण पर करीब 4.60 करोड़ रुपये की लागत आई है. लेकिन मार्ग पर सड़क का निर्माण तीन दिशाओं से किया गया है, जिस कारण खर्च राशि भी बढ़ रही है.

नए मार्ग की तीन दिशाएं:

  • यह मार्ग एक दिशा से एमडीसी सेक्टर-6 के डॉल्फिन चौक से आगे आईटी पार्क की ओर सीमांत क्षेत्र से चंडीगढ़ की सुखना लेक के रेगुलेटरी एंड तक कनेक्टिविटी उपलब्ध करेगा.
  • दूसरा कनेक्टिंग रास्ता सकेतड़ी रोड स्थित एमडीसी सेक्टर 1 के री-क्रिएशन पार्क के सामने से दोनों दिशाओं के त्रिकोणीय प्वाइंट पर पहुंचेगा, जहां से वाहन चालक दायीं व बायीं ओर अपने गंतव्य स्थलों के लिए निकल सकेंगे. इस मार्ग से सकेतड़ी और पंचकूला के लोगों को सुविधा होगी.
  • तीसरा मार्ग चंडीगढ़ की सूखना झील के रेगुलेटरी एंड पर गांव सकेतड़ी की ओर जाने वाली सड़क से शुरू होकर वापस त्रिकोणीय प्वाइंट पर पहुंचेगा.

20 मिनट का सफर पांच मिनट में पूरा: इस नए मार्ग की शुरुआत होने पर पंचकूला से सुखना लेक की दूरी घटने से यहां पहुंचने में जहां फिलहाल करीब 20 मिनट का समय लगता है, वह कम होकर पांच-सात मिनट का रह जाएगा. दरअसल, इस मार्ग का निर्माण कार्य विभिन्न कानूनी अड़चनों के चलते लंबे समय से अटका हुआ था. परियोजना लंबे समय तक जमीन अधिग्रहण और कानूनी अड़चन ए चलते पूरा नहीं हो पा रही थी. इस परियोजना से जुड़ी जमीन के अधिग्रहण का मामला अदालत में लंबित होने से सड़क का काम नहीं हो पा रहा था. लेकिन कानूनी अड़चनें दूर होने के बाद निर्माण कार्य को गति मिल सकी है.

वैकल्पिक लेकिन पहला त्रिकोणीय रास्ता: सूखना झील तक आवाजाही करने वाले वाहन चालक मौजूदा समय में सभी मुख्य मार्गों का इस्तेमाल करते हैं. हर जगह के ट्रैफिक का इन मार्गों से होकर निकलने से रास्ता तय करने में अधिक समय लगता है. हालांकि, अब इस नए वैकल्पिक लेकिन पहला त्रिकोणीय रास्ता शुरू होने से डॉल्फिन चौक से सुखना लेक की ओर, एमडीसी सेक्टर 1 और सूखना झील से भी सीधा त्रिकोणीय प्वाइंट पर पहुंचने का रास्ता सीधा और सुविधाजनक हो सकेगा. इससे रोजाना सुखना लेक जाने वाले लोगों, पर्यटकों, सरकारी एवं निजी कर्मचारियों समेत सेक्टर-17, पीजीआई और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक आवाजाही करने वाले वकीलों और आमजन को बड़ी राहत मिलेगी. साथ ही पंचकूला और चंडीगढ़ तक आवाजाही करने वाले लोगों को भी इस वैकल्पिक मार्ग का लाभ मिलेगा.

नए वैकल्पिक मार्ग पर यह सुविधाएं भी: इस नए मार्ग को आधुनिक एवं सुगम यातायात के मद्देनजर बनाया जा रहा है. परियोजना में 60 मीटर चौड़ी सड़क के साथ सर्विस रोड का प्रावधान किया गया है. सड़क के दोनों ओर करीब 5.5-5.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड और 12.5-12.5 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क का प्रावधान भी किया गया है. इससे मुख्य मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने और आसपास के क्षेत्रों से आवाजाही करने वाले वाहन चालकों को लाभ मिल सकेगा. वहीं, इस मार्ग पर एमडीसी सेक्टर 1 की ओर से त्रिकोणीय प्वाइंट तक एक नाला भी बनाया जा रहा है, जिससे बरसाती पानी और पानी का तेज बहाव आसानी से निकल सके. नतीजतन ऐसा होने पर सड़क का नुकसान होने से बचाया जा सकेगा.

प्रॉपर्टी के रेट बढ़ने के आसार: पंचकूला-चंडीगढ़ के इस सीमांत क्षेत्र में प्रॉपर्टी के रेट काफी ऊंचे हैं. लेकिन इस परियोजना की कानूनी अड़चन दूर होने और त्रिकोणीय रास्ता तैयार होने से यहां प्रॉपर्टी के दाम भी अब कई गुणा बढ़ने के आसार हैं. वहीं, इस नए मार्ग के एक ओर पंचकूला की सीमा में कई इमारतों के निर्माण कार्य वर्तमान में भी जारी भी है. नतीजतन राज्य सरकार से अनुमति मिलने और कोई कानूनी अड़चन नहीं होने पर यहां आगामी समय में नए रिहायशी और सार्वजनिक क्षेत्र भी विकसित किए जा सकते हैं.