Panipat Patwari Bribery Case: जमीन की निशानदेही के नाम पर मांगी रिश्वत, पानीपत एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिफाइनरी के पास से दबोचा

पानीपत में ACB ने मतलौडा हल्के के पटवारी संदीप और उसके निजी सहायक जयभगवान को 160 वर्गगज जमीन की निशानदेही के बदले ₹15 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।

 
हरियाणा एसीबी कार्रवाई

पानीपत: पानीपत में एंटी करप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मतलौडा हल्के के पटवारी संदीप और उसके निजी सहायक जयभगवान को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया. दोनों पर आरोप है कि उन्होंने 160 वर्गगज की मलकियत वाली जमीन की निशानदेही कराने के बदले शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की थी. शिकायत मिलने के बाद ACB ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाकर दोनों आरोपियों को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया.

160 वर्गगज जमीन का काम लंबे समय से था लंबित: शिकायतकर्ता ने ACB को दी लिखित शिकायत में बताया कि गांव में उसकी 160 वर्गगज की मलकियत वाली जमीन है, जिसकी मौके पर निशानदेही करानी थी. आरोप है कि संबंधित पटवारी और उसका निजी सहायक इस कार्य के बदले 15 हजार रुपये की मांग कर रहे थे. रिश्वत नहीं देने पर दोनों लगातार उसका काम टालते रहे, जिसके बाद उसने एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया.

शिकायत के बाद बिछाया जाल: इस पूरे मामले में ACB यूनिट पानीपत के प्रभारी इंस्पेक्टर ऋषिपाल ने बताया कि, "शिकायतकर्ता ने 29 जुलाई को लिखित शिकायत दी थी. शिकायत की जांच के बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर ट्रैप की कार्रवाई की गई. शिकायतकर्ता पहले भी कई बार मौखिक रूप से अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रख चुका था, लेकिन समाधान नहीं होने पर उसने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई."

रिफाइनरी के पास रिश्वत लेते ही दबोचे गए आरोपी: इंस्पेक्टर ऋषिपाल ने आगे कहा कि, "आरोपियों ने शिकायतकर्ता को रिफाइनरी के पास नैफ्था रूट पर बुलाया था. जैसे ही शिकायतकर्ता ने 15 हजार रुपये दिए, पहले से तैनात ACB टीम ने दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. टीम ने मौके से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली. कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को किसी तरह का मौका नहीं मिला और उन्हें तत्काल हिरासत में ले लिया गया."

संयुक्त रूप से मांगी और ली गई थी रिश्वत: शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि रिश्वत की मांग दोनों आरोपियों ने मिलकर की थी. ACB के अनुसार, 15 हजार रुपये की राशि भी दोनों ने संयुक्त रूप से स्वीकार की. मुख्य आरोपी संदीप मतलौडा हल्के का पटवारी है, जबकि जयभगवान उसका निजी सहायक है, जो लंबे समय से पटवारियों के साथ काम कर रहा था.

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ केस: ACB ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है. अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ जारी है और उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या दोनों पहले भी इसी तरह के भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल रहे हैं या उनके खिलाफ अन्य शिकायतें भी दर्ज हैं.