Social Work in Panipat: 20 दिनों से सड़क पर रहने को मजबूर थी मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला, पुलिस की मौजूदगी में हुआ रेस्क्यू
पानीपत : पानीपत में सिवाह स्थित नए बस स्टैंड के पास पानी की टंकी के पास एक बेसहारा और मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला के मिलने का संवेदनशील मामला सामने आया है। पति द्वारा छोड़ दिए जाने के सदमे में मानसिक संतुलन खो चुकी यह महिला पिछले करीब 20 दिनों से खुले आसमान के नीचे सड़क किनारे रहने को मजबूर थी।
नारी तू नारायणी उत्थान समिति और जन सेवा दल की तत्परता से पुलिस की मौजूदगी में महिला को सुरक्षित रेस्क्यू कर आश्रम पहुंचाया गया है। नारी तू नारायणी उत्थान समिति की अध्यक्ष सविता आर्या ने घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि मंगलवार रात स्थानीय नागरिकों ने उन्हें फोन कर इस बेसहारा महिला की दयनीय स्थिति के बारे में सूचित किया था।
मकान मालिक ने निकाला बाहर
जानकारी के अनुसार, महिला का पति उसे छोड़कर किसी अन्य महिला के साथ चला गया था। इस अचानक हुए धोखे से महिला गहरे सदमे में चली गई और धीरे-धीरे उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ती गई। हालत बिगड़ने पर जिस मकान में वह किराए पर रहती थी, उसके मालिक ने भी उसका सामान बाहर फेंक दिया।
भूख और अनहोनी का खतरा
पिछले 20 दिनों से महिला सड़क पर ही लावारिस स्थिति में रह रही थी। मानसिक आघात के कारण उसने बोलना भी बंद कर दिया था। कोई खाना दे देता तो खा लेती, वरना कई-कई दिनों तक भूखी रहती थी। सुनसान सड़क पर रात के समय उसके साथ किसी भी अप्रिय घटना या अनहोनी का अंदेशा बना हुआ था।
स्थानीय लोगों की सूचना पर सविता आर्या तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जन सेवा दल के प्रतिनिधि चमन गुलाटी को संपर्क कर बुलवाया। इसके बाद स्थानीय पुलिस टीम की मौजूदगी में महिला को जन सेवा दल के सेवादारों के सुपुर्द किया गया। चमन गुलाटी और उनकी टीम महिला को अपने आश्रम ले गई, जहां उसके रहने और खान-पान की उचित व्यवस्था की गई है। जन सेवा दल के पदाधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक सुरक्षा देने के बाद अब महिला को सिविल अस्पताल ले जाया जाएगा, जहां उसका पूरा स्वास्थ्य व मानसिक चेकअप करवाया जाएगा ताकि उसका समुचित इलाज शुरू हो सके।