पानीपत: 70 साल पुराने जर्जर स्कूल में पढ़ रहे बच्चे, जल्द शिफ्टिंग की तैयारी

पानीपत शुगर मिल के 70 साल पुराने कंडम स्कूल भवन में 160 बच्चे पढ़ने को मजबूर। सुरक्षा के लिए शिक्षा विभाग ने अग्रवाल मंडी शिफ्ट करने की तैयारी की, जानें पूरा मामला।

 
स्कूल सुरक्षा व्यवस्था

पानीपत: पानीपत के शुगर मिल परिसर स्थित सरकारी प्राइमरी एवं मिडिल स्कूल की करीब 70 साल पुरानी जर्जर और कंडम घोषित इमारत में आज भी बच्चों की पढ़ाई जारी है. भवन की हालत ऐसी है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है. हालांकि शिक्षा विभाग ने स्कूल को जल्द सुरक्षित भवन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

कंडम भवन में चल रही पढ़ाई: दरअसल, स्कूल भवन की दीवारों और छतों में कई जगह दरारें आ चुकी हैं. भवन को पहले ही कंडम घोषित किया जा चुका है, इसके बावजूद रोजाना विद्यार्थी यहां पढ़ने पहुंच रहे हैं. सुरक्षा के मद्देनजर बच्चों को भवन के अपेक्षाकृत सुरक्षित हिस्से में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है. गर्मी और उमस के बीच सीमित स्थान में कक्षाएं संचालित होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

अभिभावकों में हादसे का डर: स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल की हालत लंबे समय से खराब है. उनका कहना है कि यदि समय रहते बच्चों को सुरक्षित भवन में स्थानांतरित नहीं किया गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है. अभिभावकों का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द शिफ्टिंग पूरी की जानी चाहिए.

15 जुलाई के बाद शुरू होगी शिफ्टिंग: स्कूल के बारे में सरकारी मिडिल स्कूल की इंचार्ज मनप्रीत ने बताया कि, "प्राइमरी स्कूल कई दशक पहले शुरू हुआ था, जबकि मिडिल स्कूल में पहली बार 1 अप्रैल 1995 को प्रवेश हुआ था. भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए पिछले वर्ष शिक्षा विभाग को पत्र भेजा गया था, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को शिफ्ट करने के आदेश जारी किए. स्कूल को अग्रवाल मंडी स्थित सरकारी स्कूल में स्थानांतरित किया जाएगा. संबंधित विद्यालय का निरीक्षण किया जा चुका है. 15 जुलाई को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगले दो से चार दिनों में शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है. वर्तमान में स्कूल में दोनों शिफ्टों को मिलाकर करीब 160 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं. इनमें सुबह की शिफ्ट में 131 और शाम की शिफ्ट में 35 विद्यार्थी शामिल हैं."

70 साल पुराना है स्कूल भवन: वहीं, प्राइमरी स्कूल के अध्यापक अनिल सांगवान ने बताया कि, "यह विद्यालय शुगर मिल की स्थापना के समय से संचालित हो रहा है और लगभग 70 वर्ष पुराना है. शुगर मिल कॉलोनी के अन्य भवनों की तरह स्कूल भवन भी कंडम घोषित किया जा चुका है. शिक्षा विभाग के निरीक्षण के बाद इसे अग्रवाल मंडी स्थित विद्यालय में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं."

शिक्षा विभाग ने दिया आश्वासन: मामले में जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने कहा कि, "विद्यार्थियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. स्कूल को जल्द ही नए भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा. शिफ्टिंग की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रक्रिया तय समय में पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है."

अब कार्रवाई पर टिकी निगाहें: फिलहाल अभिभावकों और स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि शिक्षा विभाग अपने वादे के अनुसार कितनी जल्दी बच्चों को सुरक्षित भवन उपलब्ध कराता है. शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था केवल शिक्षकों और पाठ्यक्रम से नहीं, बल्कि सुरक्षित और बेहतर स्कूल भवनों से भी तैयार होती है. ऐसे में 160 विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिफ्टिंग प्रक्रिया बिना देरी पूरी होना जरूरी है.