Panipat Police Operation: 100 से ज्यादा सीसीटीवी खंगालकर पुलिस ने ढूंढ निकाला बच्चा, मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा
पानीपत: पुरेवाल कॉलोनी से 15 सितंबर की शाम लापता हुए 5 वर्षीय बच्चे को पानीपत पुलिस ने पांच दिन के गहन सर्च ऑपरेशन के बाद सकुशल बरामद कर लिया. पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण के नेतृत्व में CIA और थाना पुलिस की संयुक्त टीमों ने 100 से अधिक CCTV की फुटेज खंगाली. करीब 30 पुलिसकर्मियों ने पिछले पांच दिनों से लगातार CCTV फुटेज की जांच की और बच्चे की लोकेशन ट्रैक करने में जुटे. इसके बाद पुलिस ने बच्चे का रेस्क्यू किया.
15 सितंबर की शाम लापता हुआ था बच्चा: पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिनकी पहचान शंकर निवासी शाहजहांपुर और सूरज निवासी सीतापुर के रूप में हुई है. दोनों उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. एसपी मेधा भूषण ने बताया कि 15 सितंबर को शाम करीब 7 बजे बच्चे के लापता होने की सूचना मिली थी. मामले में ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने FIR नंबर 418 दर्ज कर तुरंत जांच शुरू की. CIA की तीनों टीमों से विशेष टीमें गठित की गईं और थाना पुलिस के साथ मिलकर बच्चे की तलाश शुरू की गई.
CCTV फुटेज बनी पुलिस की सबसे बड़ी कड़ी: एसपी के अनुसार पुलिस ने पहले उस स्थान से आगे की दिशा में CCTV की मदद से बच्चे को ट्रैक करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर बैकवर्ड ट्रैकिंग शुरू की गई. इस दौरान रास्ते में लगे दुकानों, बैंकों, एटीएम, चौराहों और अन्य स्थानों के CCTV की फुटेज खंगाली गई. कई दुकानों पर पुलिस टीमों को चार से पांच बार तक जाकर फुटेज देखनी पड़ी. स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों ने भी पुलिस को पूरा सहयोग दिया. CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस को बच्चे को ले जाने वाले आरोपी शंकर की पहचान करने और उसकी गतिविधियों को ट्रैक करने में सफलता मिली. इसके बाद पुलिस टीम ने बच्चे तक पहुंचकर उसे सकुशल बरामद कर लिया.
एक लाख में बच्चा देने की थी डील: पूछताछ में सामने आया कि शंकर को बच्चे को आगे देने के बदले एक लाख रुपये मिलने थे, जबकि दूसरा आरोपी सूरज बच्चे को किसी तीसरे व्यक्ति को करीब तीन लाख रुपये में बेचने वाला था. पुलिस के अनुसार तीसरे व्यक्ति की पहचान और गिरफ्तारी के बाद मामले में मानव तस्करी का पूरा नेटवर्क सामने आने की संभावना है. एसपी ने बताया कि अभी तक की जांच में इस बच्चे के संबंध में जानकारी सामने आई है. आरोपियों को छह दिन के रिमांड पर लिया गया है और इस दौरान आगे के आरोपियों तथा पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी.
मजदूरी और ऑटो चलाने का काम करते हैं आरोपी: पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी मजदूर वर्ग से हैं. शंकर पानीपत में मजदूरी से जुड़ा काम करता था, जबकि दूसरा आरोपी सूरज ऑटो चलाता है. आरोपियों के पिछले रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है.
साइबर टीम ने भी निभाई अहम भूमिका: एसपी मेधा भूषण ने बच्चे की तलाश में शामिल CIA, थाना पुलिस और साइबर टीम की कार्यशैली की सराहना की. उन्होंने कहा कि "पुलिसकर्मियों ने दिन-रात मेहनत की और CCTV फुटेज की लगातार जांच की. साइबर टीम ने भी तकनीकी स्तर पर महत्वपूर्ण सहयोग किया. इस ऑपरेशन में बेहतर भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा. पुलिस अब 6 दिन के रिमांड के दौरान यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चे को किस तीसरे व्यक्ति को बेचा जाना था और क्या आरोपियों का किसी बड़े मानव तस्करी नेटवर्क से संबंध है?"