पिपली मंडी धान घोटाला: फूड इंस्पेक्टर सस्पेंड, ₹5.81 करोड़ के गबन पर पहली FIR!

कुरुक्षेत्र की पिपली मंडी में फर्जी गेट पास मामले में बड़ा एक्शन! फूड सप्लाई इंस्पेक्टर सस्पेंड, राइस मिल में ₹5.81 करोड़ का धान कम मिलने पर FIR दर्ज। जानें पूरा मामला।

 
Pipli Mandi Paddy Scam Kurukshetra

कुरुक्षेत्र : जिले की पिपली अनाज मंडी में धान खरीद के दौरान फर्जी गेट पास जारी करने के मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने पिपली के फूड सप्लाई इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उनका तबादला पलवल जिले में कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, पिछले साल 6 अक्टूबर को पिपली अनाज मंडी में एक साथ कई गेट पास जारी किए गए थे, जो किसी अज्ञात आईडी से काटे गए बताए जा रहे हैं। इन गेट पास की लोकेशन भी मेल नहीं खा रही थी। मामला सामने आते ही विभाग ने संबंधित गेट पास के भुगतान पर रोक लगा दी।

इस कार्रवाई के चलते मंडी के करीब 27 आढ़तियों का 2.5 से 3 करोड़ रुपये का भुगतान अटक गया है। आरोप है कि इन फर्जी गेट पास के जरिए दुकानों से धान उठाकर उसे राइस मिल तक पहुंचा हुआ दिखाया गया, जबकि पूरा प्रोसेस संदिग्ध पाया गया।

मामला इतना बढ़ा कि आढ़ती एसोसिएशन ने इसे उच्च स्तर तक उठाया। आढ़ती चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर से मिले और कार्रवाई की मांग की। सीएम ने जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

विभागीय जांच में सामने आया कि गेट पास फर्जी तरीके से बनाए गए थे। हालांकि, सस्पेंड किए गए इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह का कहना है कि उन्होंने उसी दिन गड़बड़ी की जानकारी अधिकारियों को दे दी थी और खुद पत्र लिखकर गेट पास रुकवाए थे। जिला स्तरीय कमेटी की जांच में तकनीकी खामी की बात भी सामने आई है।

उधर, इस पूरे धान घोटाले में थाना सदर पिहोवा में पहली FIR भी दर्ज की गई है। DFSC की जांच में नीमवाला गांव की एक मिल में 24,318.75 क्विंटल धान कम पाया गया, जिसकी कीमत MSP के अनुसार करीब 5 करोड़ 81 लाख रुपये आंकी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।