रेवाड़ी मंडी में बारिश का कहर: भीगा 'पीला सोना', सड़कों पर बही किसानों की सरसों!

रेवाड़ी में तेज बारिश और ओलावृष्टि ने अनाज मंडी की खोली पोल। चेतावनी के बावजूद नहीं हुए इंतजाम, पानी में बही 9000 क्विंटल सरसों। किसानों की सालभर की मेहनत बर्बाद।

 
Farmers Loss in Hailstorm

रेवाड़ी : बुधवार शाम आई तेज बारिश, ओलावृष्टि और तूफान ने अनाज मंडी की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। दक्षिण हरियाणा का “पीला सोना” कही जाने वाली सरसों की फसल मंडी में भीगकर खराब होने के कगार पर पहुंच गई। हालात ऐसे बन गए कि किसान फड़ की बजाय सड़कों पर ही अपनी उपज रखने को मजबूर नजर आए, जिससे उनकी सालभर की मेहनत पानी में बहती दिखाई दी। 

मंडी में अव्यवस्था का आलम यह रहा कि कई जगहों पर सरसों की उपज बारिश के पानी के साथ बहकर सड़कों तक पहुंच गई। यहां से गुजरने वाले वाहनों के टायरों के नीचे आकर सरसों वहीं पिसती नजर आई। वहीं कुछ महिलाएं छलनी के सहारे पानी से सरसों निकालती दिखीं, जबकि मजदूर भी भीगी उपज को इकट्ठा करने में जुटे रहे। 

चेतावनी के बावजूद नहीं किए गए पुख्ता इंतजाम

इस पूरे घटनाक्रम ने मंडी प्रशासन के उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें किसानों के लिए बेहतर इंतजाम होने की बात कही गई थी। खास बात यह है कि यह प्राकृतिक आपदा अचानक नहीं आई थी। मौसम विभाग द्वारा 19 और 20 मार्च को बारिश, ओलावृष्टि और तेज अंधड़ की पहले ही चेतावनी जारी की गई थी, बावजूद इसके समय रहते पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।

मामले में अनाज मंडी के सचिव मनीष कुमार का कहना है कि व्यवस्थाओं को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने माना कि भारी बारिश और तूफान के चलते कुछ दिक्कतें जरूर आई हैं। उन्होंने बताया कि मंडी में अब तक करीब 9 हजार क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है। बारिश के इस कहर ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर किसानों की मेहनत को सुरक्षित रखने के लिए ठोस इंतजाम कब किए जाएंगे।