रेवाड़ी अस्पताल: डायलिसिस सेंटर में कर्मचारी सोता हुआ मिला, मचा हड़कंप

रेवाड़ी नागरिक अस्पताल के डायलिसिस केंद्र का वीडियो वायरल। उपचार ले रहे मरीजों के बीच कर्मचारी को सोते देख स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल। जांच जारी।

 
अस्पताल में कर्मचारी की लापरवाही

रेवाड़ी : रेवाड़ी के जिला नागरिक अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल के डायलिसिस केंद्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें डायलिसिस मशीनों पर उपचार ले रहे मरीजों के बीच एक कर्मचारी कुर्सियां जोड़कर सोता हुआ दिखाई दे रहा है। 

वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने दावा किया है कि संबंधित कर्मचारी नशे की हालत में था। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वीडियो कब का है। इसके बावजूद वीडियो सामने आने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले की गंभीरता से जांच की चर्चा शुरू हो गई है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित की जा रही है। अस्पताल की पुरानी इमारत की पहली मंजिल पर स्थित डायलिसिस केंद्र का संचालन निजी कंपनी द्वारा किया जाता है। केंद्र के संचालन, मरीजों की देखरेख और उपचार की जिम्मेदारी कंपनी की है, जबकि इसकी निगरानी जिला स्वास्थ्य विभाग के अधीन रहती है। गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव दो दिन पहले ही रेवाड़ी दौरे पर आई थीं। उन्होंने 30 आधुनिक एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाने के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया था। 

इस दौरान उन्होंने जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और जिला नागरिक अस्पताल के नए भवन का निर्माण जल्द शुरू कराने का भरोसा भी दिलाया था। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य मंत्री की पहल पर जिला नागरिक अस्पताल को वर्तमान क्षमता से बढ़ाकर 200 से 300 बिस्तरों वाला आधुनिक अस्पताल बनाने की प्रक्रिया भी जारी है। ऐसे में डायलिसिस केंद्र से सामने आई यह कथित लापरवाही स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब सभी की नजर स्वास्थ्य विभाग की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।