रेवाड़ी धमाका: गैस पाइपलाइन टेस्टिंग में लापरवाही, युवती की मौत पर केस
रेवाड़ी के हंस नगर में गैस रिसाव से हुए धमाके में झुलसी युवती की मौत। आईजीएल (IGL) कर्मचारियों पर लापरवाही का केस दर्ज। पढ़ें पूरे मामले का अपडेट।
रेवाड़ी: हंस नगर में धमाके के मामले में मॉडल टाउन थाना पुलिस ने IGL (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) के कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है. धमाके में झुलसी तन्नु की 9 जुलाई की शाम दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी. तन्नु की मां मधु ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वो रसोई में बर्तन रखने गई थी. धमाके की आवाज सुनकर वापस लौटी तो पूरा घर आग का गोला बन चुका था. जिससे तन्नु व दो वर्षीय भतीजी के साथ मेरे पति सतबीर चौहान और पड़ोसी जयभगवान बुरी तरह से झुलस गए.
आईजीएल की टेस्टिंग के दौरान हुआ हादसा: पुलिस की जांच में सामने आया कि हादसा आईजीएल की टेस्टिंग के दौरान पाइप लाइन खुली रखने से जमा हुई गैस के कारण हुआ है. इससे पहले पुलिस ने भी प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण गैस रिसाव को माना था. अब आईजीएल कर्मचारियों पर केस दर्ज होने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है.
रेवाड़ी में हुआ था ब्लास्ट: मिली जानकारी के अनुसार रेवाड़ी शहर के हंस नगर में 5 जुलाई की शाम को पूर्व सैनिक सतवीर चौहान के घर में अचानक धमाका हुआ था. धमाके में पूर्व सैनिक के अलावा उनकी बेटी तनु उनकी पत्नी मधु 2 वर्षीय बच्ची और पड़ोसी सीआरपीएफ जवान जयभगवान झुलस गए थे. जिन्हें रोहतक रेफर किया गया था. जहां से तबीयत ज्यादा खराब होने के चलते दिल्ली रेफर किया गया. इलाज के दौरान तनु की मौत हो गई.
हादसे में तनु की मौत: डॉक्टर के अनुसार तनु 90% झुलस गई थी. पूर्व सैनिक सतबीर चौहान 70% जय भगवान 60% और 2 वर्षीय बच्ची 50% से प्रतिशत झुलस गए थे. इसी मामले में कल तनु का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया और तनु का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. बताया गया की 25 नवंबर को तनु की शादी होनी थी.
पुलिस मामले की जांच में जुटी: डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि "5 जुलाई को सूचना मिली कि मोहल्ला हंस नगर में एक घर में ब्लास्ट हुआ. जिसमें पांच लोग झुलस गए. सूचना मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंची और एफएसएल की टीम ने जांच शुरू करी. इसमें इलाज के दौरान तनु ने दम तोड़ दिया. तनु की मां मधु की शिकायत पर आईजीएल कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अभी इसकी जांच जारी है. गैस लीकेज से ये धमाका हुआ है और टेस्टिंग के दौरान भी लापरवाही सामने आए हैं. इसलिए आईजीएल कर्मचारियों पर मामला दर्ज हुआ है."

