Rewari News: रेवाड़ी में बेसहारा गाय का आतंक, युवक को बुरी तरह पटका; अस्पताल में भर्ती
रेवाड़ी के अंसल टाउन में आवारा गाय के हमले में यूपी का युवक गंभीर रूप से घायल। शहर में लगातार बढ़ रहे गोवंश के हमले से लोग दहशत में। जानें नगर परिषद की कार्रवाई।
Updated: Apr 12, 2026, 17:50 IST
रेवाड़ी: शहर में बेसहारा गोवंश का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। एक बार फिर आवारा गाय के हमले की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। इस बार अंसल टाउन इलाके में गौक्रांति गोशाला के बाहर बैठी एक गाय ने अचानक एक युवक पर हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश निवासी सुखलाल, जो अंसल टाउन में किराए के मकान में रहते हैं, देर रात कुछ सामान खरीदने के लिए दुकान की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान गौक्रांति गोशाला के बाहर गायों का एक झुंड बैठा हुआ था। जैसे ही वह वहां से निकले, अचानक एक गाय ने उन पर हमला बोल दिया। हमले में युवक की पीठ और छाती पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह युवक को बचाया और तुरंत ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। घायल सुखलाल ने बताया कि चोट के कारण दर्द इतना ज्यादा था कि उन्हें पूरी रात अस्पताल के बेड पर बैठकर ही गुजारनी पड़ी।
गौरतलब है कि रेवाड़ी में यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले ही सेक्टर-4 में एक पूर्व सैनिक पर आवारा पशुओं ने जानलेवा हमला किया था, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे पहले भी आवारा सांडों के हमलों में एक फोटोग्राफर और एक बुजुर्ग महिला की जान जा चुकी है। इतना ही नहीं, शहर में कई पार्षदों समेत अनेक राहगीर इन हमलों में घायल हो चुके हैं। लगातार बढ़ रही इन घटनाओं से शहरवासी दहशत में हैं। लोगों का कहना है कि अब सड़कों पर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए एजेंसी को करीब 36 लाख रुपये का टेंडर दिया गया है, जबकि अब तक करीब 157 गोवंश पकड़कर भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद शहर में बेसहारा गोवंश का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। शहरवासियों ने प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि आवारा पशुओं को पकड़ने के अभियान में तेजी लाई जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से बचा जा सके।
इसी दौरान गौक्रांति गोशाला के बाहर गायों का एक झुंड बैठा हुआ था। जैसे ही वह वहां से निकले, अचानक एक गाय ने उन पर हमला बोल दिया। हमले में युवक की पीठ और छाती पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह युवक को बचाया और तुरंत ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। घायल सुखलाल ने बताया कि चोट के कारण दर्द इतना ज्यादा था कि उन्हें पूरी रात अस्पताल के बेड पर बैठकर ही गुजारनी पड़ी।
गौरतलब है कि रेवाड़ी में यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले ही सेक्टर-4 में एक पूर्व सैनिक पर आवारा पशुओं ने जानलेवा हमला किया था, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे पहले भी आवारा सांडों के हमलों में एक फोटोग्राफर और एक बुजुर्ग महिला की जान जा चुकी है। इतना ही नहीं, शहर में कई पार्षदों समेत अनेक राहगीर इन हमलों में घायल हो चुके हैं। लगातार बढ़ रही इन घटनाओं से शहरवासी दहशत में हैं। लोगों का कहना है कि अब सड़कों पर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए एजेंसी को करीब 36 लाख रुपये का टेंडर दिया गया है, जबकि अब तक करीब 157 गोवंश पकड़कर भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद शहर में बेसहारा गोवंश का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। शहरवासियों ने प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि आवारा पशुओं को पकड़ने के अभियान में तेजी लाई जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से बचा जा सके।

