Rewari Stray Cattle Attack: सांडों की लड़ाई ने ली बुजुर्ग की जान, रेवाड़ी नगर परिषद और प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
रेवाड़ी के सेक्टर-4 में आवारा पशुओं से टकराकर स्कूटी सवार रिटायर्ड कैप्टन की मौत। सीसीटीवी फुटेज आया सामने। 7 महीने में शहर में आवारा पशुओं के हमले से यह दूसरी जानलेवा घटना है।
रेवाड़ी: सेक्टर 4 में स्कूटी सवार सेना से रिटायर्ड कैप्टन की आवारा पशुओं की चपेट में आने से मौत हो गई. घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. जिसमें बुजुर्ग स्कूटी पर जाता दिखाई दे रहा है. अचानक से दो आवारा पशु लड़ते हुए वहां पहुंचे और स्कूटी उनकी चपेट में आ गई. इस हादसे में बुजुर्ग की मौत हो गई. सूचना मिलती ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सिविल अस्पताल में बुजुर्ग के शव का पोस्टमार्टम कराया.
आवारा पशुओं की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत: रेवाड़ी शहर में गाय के हमले से 7 महीने बाद फिर से दूसरी वारदात हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. प्रशासन द्वारा आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते. जिसके कारण इस तरह के हादसे लगातार हो रहे हैं. कैप्टन जगराम यादव की मौत के बाद एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
लड़ते हुए आचानक सड़क पर आए आवारा पशु: रेवाड़ी सेक्टर-4 निवासी कैप्टन जगराम यादव अपनी स्कूटी पर सवार होकर सब्जी लेने के लिए जा रहे थे. तभी अचानक सामने से लड़ते हुए आए दो आवारा पशुओं से उनके स्कूटी की टक्कर हो गई. जिससे मौके पर गिर गए गिरने के वक्त उनके सिर में गहरी चोट लगी. उपचार के दौरान मौत हो गई. लोगों के मुताबिक रेवाड़ी शहर के सेक्टर चार पर सैकड़ों की संख्या में आवारा पशु खड़े रहते हैं.
7 महीने में दूसरी घटना: अब नगर परिषद की कार्य शैली पर भी सवाल खड़े हो गए कि आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए 1800 रुपये गाय के निर्धारित किए गए हैं. आखिरकार किस तरह आवारा पशुओं सड़क पर मौत का कहर बन बैठा है. दूसरी घटना 3 फरवरी 2026 के शाम को अपने घर के पास मौला हंसनगर में खड़ी कृष्णा देवी पर गाय ने हमला कर दिया था. कृष्णा देवी को काफी देर तक पैरों से रोंदती रही थी. कृष्णा देवी की जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. वहीं शहर वासी और परिजनों ने एक विरोध प्रदर्शन कर उपायुक्त अभिषेक मीणा को भी एक पत्र सौंपा था लेकिन उसके बावजूद भी जिला उपायुक्त की तरफ से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई थी.

