रोहतक के इस्माईला गांव में मातम: एक साथ उठीं 4 दोस्तों की अर्थियां, एक ही श्मशान में जलीं चारों की चिताएं
सांपला। फाग का दिन… गांव में रंगों की तैयारी थी, घरों में पकवान बन रहे थे, बच्चे पिचकारी लिए गली में दौड़ रहे थे। लेकिन इसी दिन शाम के समय गांव इस्माईला 11बी में ऐसा मातम पसरा कि खुशियों की जगह चीख-पुकार ने ले ली। रोहतक-दिल्ली हाईवे पर चुलियाना मोड़ के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही गांव के चार युवकों की मौत हो गई। इस्माईला गांव में अब भी सन्नाटा पसरा है।
रंगों का त्योहार इस बार आंसुओं में डूब गया और चार परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। बुधवार शाम 4 बजकर 48 मिनट पर चारों दोस्त एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर रोहतक की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे चुलियाना मोड़ के पास पहुंचे, पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि चारों करीब 50 मीटर दूर जा गिरे।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मौके पर पहुंचे लोग सन्न रह गए। सड़क पर बिखरे जूते, टूटे हेलमेट और खून से सना दृश्य देख हर किसी की रूह कांप उठी। हादसे में 47 वर्षीय मोहन और उसका चचेरा भाई सोनू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल मोहन का सगा भाई राजकुमार और पड़ोसी दोस्त राजेश को तुरंत पीजीआइ रोहतक ले जाया गया जहां इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
बताया जाता है कि मोहन अपने भाई राजकुमार के साथ रोहतक जाने के लिए घर से निकला था। रास्ते में चाचा का लड़का सोनू और पड़ोसी राजेश भी साथ हो लिए। चारों दोस्त थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। गांव में जैसे ही एक साथ चार मौतों की खबर पहुंची, होली के रंग फीके पड़ गए। घरों में सन्नाटा छा गया। जिस आंगन में सुबह तक हंसी गूंज रही थी, वहां शाम होते-होते चीखें सुनाई देने लगीं। मोहन शादीशुदा था।
उसके दो मासूम बेटियां और एक बेटा है, जो अब अपने पिता का चेहरा सिर्फ तस्वीरों में देख पाएंगे। राजकुमार, सोनू और राजेश अविवाहित थे। मोहन पहरावर गांव में और राजेश पाकस्मा में केमिस्ट की दुकान चलाते थे। ग्रामीणों के अनुसार दोनों जरूरतमंदों को दवा देने में कभी पीछे नहीं हटते थे। पहरावर से आए एक सुरेंद्र ने नम आंखों से कहा कि मोहन की एक खुराक से मरीज को राहत मिल जाती थी।
लोगों ने मोहन की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई है। जब चारों युवकों की एक साथ अर्थियां उठीं तो पूरा गांव रो पड़ा। बुजुर्गों की आंखें नम थीं, महिलाएं विलाप कर रही थीं और युवा स्तब्ध खड़े थे। फाग का दिन, जो मिलन और उल्लास का प्रतीक होता है, इस बार गांव के लिए हमेशा के लिए दर्द की याद बन गया। पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि टक्कर मारने के बाद चालक मौके से फरार हो गया।
हादसों का पर्याय बना चुलियाना मोड
हाइवे पर चुलियाना मोड पर जहां चार युवकों की हादसे में मौत हुई है वह स्थान हादसों का पर्याय बना हुआ है। अक्सर मोड़ पर हादसे होते रहते है। वर्ष भर में कई मौत हो चुकी है। लोगों ने यहां गोल चक्र व ब्रेकर बनाने की मांग की है जिससे हादसों में लोगों की जान न जाये।

