Samalkha News Suicide Case: कथित सुसाइड नोट और वीडियो के बाद एक्शन में पुलिस, 1 महिला समेत 10 आरोपियों पर केस दर्ज
समालखा के गांव बिलासपुर में जमीन विवाद में बबली की संदिग्ध मौत के बाद जेल में बंद बेटे के बयान पर 10 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज।
समालखा : समालखा विधानसभा क्षेत्र के गांव बिलासपुर में जमीन विवाद से जुड़ी 42 वर्षीय बबली पत्नी स्वर्गीय नरेंद्र की संदिग्ध मौत के मामले ने शुक्रवार को बड़ा कानूनी मोड़ ले लिया। दिनभर पोस्टमार्टम को लेकर चले हंगामे और परिजनों के विरोध के बाद देर शाम बापौली थाना पुलिस जेल में बंद मृतका के इकलौते बेटे कुलदीप को कड़ी सुरक्षा के बीच समालखा उपमंडल नागरिक अस्पताल लेकर पहुंची। कुलदीप के लिखित बयान के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित 10 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। आरोपियों में नरेंद्र, बलबीर (आट्टा), महिला मुकेश, उसके दो बेटे प्रवीण और अंकुश, अंकित, सौरभ (मुरथल), राहुल, धर्मबीर तथा विकास (बवाना) शामिल हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पोस्टमार्टम को लेकर दिनभर हाई-वोल्टेज ड्रामा
महिला की मौत के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए समालखा उपमंडल नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण जुट गए। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया और अस्पताल परिसर में घंटों प्रदर्शन किया। माहौल तनावपूर्ण बना रहा और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

सुसाइड नोट और वीडियो का दावा, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
परिजनों का दावा है कि जहरीला पदार्थ निगलने से पहले बबली ने एक कथित सुसाइड नोट लिखा और वीडियो भी बनाई, जिसमें कुछ लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया गया है। उनका आरोप है कि इन साक्ष्यों के बावजूद पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की।
परिजनों के अनुसार बबली का 22 वर्षीय इकलौता बेटा कुलदीप जमीन विवाद से जुड़े एक मारपीट के मामले में जेल में बंद है। उनका कहना है कि उसे झूठे मुकदमे में फंसाया गया। बबली के पति नरेंद्र की आठ वर्ष पहले तथा दूसरे बेटे सचिन की वर्ष 2019 में सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। परिवार पर लगातार आई इन विपत्तियों और इकलौते बेटे के जेल जाने से वह गहरे मानसिक तनाव में थी। शुक्रवार सुबह वह बापौली स्थित अपने खेत में गई, जहां उसने कथित रूप से जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जेल से अस्पताल लाकर लिया गया बयान
दिनभर चले गतिरोध के बाद देर शाम पुलिस सुरक्षा में कुलदीप को जेल से अस्पताल लाया गया। यहीं उससे लिखित शिकायत ली गई, जिसके आधार पर बापौली थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। इसके बाद परिजनों और पुलिस के बीच बनी गतिरोध की स्थिति कुछ हद तक समाप्त हुई।
जमीन का विवाद बना पूरे मामले की जड़
पुलिस के अनुसार जिस जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, उस पर मृतका के पति नरेंद्र के नाम दोयम गिरदावरी दर्ज थी। पुलिस का कहना है कि यह जमीन वर्षों पहले दूसरे पक्ष को बेची जा चुकी थी। इसके बाद कब्जे और स्वामित्व को लेकर विवाद गहराता गया और मामला न्यायालय व पुलिस तक पहुंच गया।
पुलिस का कहना है कि कथित सुसाइड नोट, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक व कानूनी जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला की मौत के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और किसकी क्या भूमिका रही।

आज होगा पोस्टमार्टम
बापौली थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि देर शाम तक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के कारण शुक्रवार को पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका। शव का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले की हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

