सोनीपत: 4 दिन बाद टावर से उतरा किसान सुनील, CM सैनी के भरोसे पर माना

सोनीपत में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में 4 दिन से टावर पर चढ़े किसान सुनील ने तोड़ा दम। बीजेपी अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने दिलाया CM का भरोसा। अब नहीं गिरेंगे मकान।

 
दुष्यंत चौटाला असावरपुर दौरा

सोनीपत: असावरपुर गांव में उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब किसान सुनील अपनी मांगों को लेकर करीब 250 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया. लगातार तीन दिन तक वो बिना खाना-पानी के वहीं बैठा रहा, जिससे प्रशासन और परिवार दोनों चिंतित रहे. मामला बढ़ता देख राजनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई. आखिरकार शुक्रवार को बातचीत के बाद यह पूरा घटनाक्रम खत्म हुआ और किसान सुनील सुरक्षित नीचे उतर आया.

बड़ौली ने पहुंचकर दिया मुख्यमंत्री का संदेश: किसान को मनाने के लिए हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि वो मुख्यमंत्री नायब सैनी का संदेश लेकर आए हैं. उनके साथ मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा भी मौजूद रहे. काफी देर तक समझाने और भरोसा दिलाने के बाद किसान सुनील आखिरकार नीचे उतरने के लिए तैयार हुआ. इस दौरान प्रशासन और स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे.

किसान बोला- सरकार के आश्वासन से खुश: किसान सुनील ने कहा "मुझे सरकार की तरफ से आश्वासन मिला है कि किसी के भी मकान की छत नहीं गिराई जाएगी. मैं तो आत्महत्या के लिए तैयार था. जब ये हमारा मकान गिरा देंगे, तो हम कहां जाएंगे? फिलहाल मैं सरकार के फैसले से खुश हूं"

सीएम ने किसान को दिया आश्वासन: इस मुद्दे पर हरियाणा बीजेपी अधयक्ष मोहनलाल बड़ौली ने कहा "इस गांव में विकास कार्य होने थे. पाइप लाइन दबनी थी. गलियां पक्की होनी थी. बिजली के पोल लगने थे, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई से नाराज किसान सुनील मोबाइल टावर पर चढ़ गया. अब चौथे दिन उन्हें टावर से नीचे उतार लिया गया है. हमने किसान को उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है. सीएम नायब सैनी ने इसका पूरा नक्शा देखा और कहा कि जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा."

बुलडोजर कार्रवाई से भड़का था मामला: दरअसल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से कुछ दिन पहले किसान सुनील और उसके परिवार की संपत्ति पर कार्रवाई की गई थी. इसमें उनके बनाए मकान, मंदिर और स्कूल पर बुलडोजर चलाया गया था. इसी से नाराज होकर किसान ने ये कदम उठाया और टावर पर चढ़कर विरोध जताया. इस घटना के बाद यह मामला तेजी से राजनीतिक मुद्दा बन गया और अलग-अलग नेता भी मौके पर पहुंचने लगे.

राजनीति भी हुई तेज, दुष्यंत चौटाला भी पहुंचे: इस पूरे घटनाक्रम के दौरान हरियाणा की राजनीति भी गरमा गई. पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी किसान के परिवार से मिलने पहुंचे और उनकी बात सुनी. इससे साफ है कि ये मामला सिर्फ स्थानीय विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बन गया. सभी पक्ष इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे.

आश्वासन के बाद मानी बात, परिवार ने ली राहत की सांस: मुख्यमंत्री की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद किसान सुनील ने अपना विरोध खत्म करने का फैसला लिया. टावर से नीचे उतरने के बाद उसने कहा कि वो सरकार के फैसले से संतुष्ट है और मुख्यमंत्री व बड़ौली के आश्वासन पर भरोसा करता है. उसके परिवार ने भी राहत जताई और उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द होगा.