सोनीपत पहलवान मर्डर केस: कोच पवन को मरते दम तक जेल, पत्नी समेत 3 को उम्रकैद
चर्चित हलालपुर महिला पहलवान हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला। मुख्य आरोपी कोच पवन को मरते दम तक जेल की सजा, 3 अन्य दोषियों को उम्रकैद।
Jun 6, 2026, 11:47 IST
सोनीपत : चर्चित हलालपुर महिला पहलवान हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी कुश्ती कोच पवन को मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह की अदालत ने पवन की पत्नी सुजाता तथा उसके 2 रिश्तेदार अमित और सचिन को भी दोषी ठहराते हुए उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला 10 नवम्बर 2021 का है, जब गांव हलालपुर स्थित सुशील कुमार कुश्ती अकादमी में राष्ट्रीय स्तर की महिला (18) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमले में उनकी मां धनपति भी गंभीर रूप से घायल हुई थीं। अदालत में दायर शिकायत अनुसार गांव हलालपुर निवासी धनपति ने बताया था कि उनकी बेटी निशा अकादमी में कुश्ती का प्रशिक्षण लेती थी। निशा ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में रजत पदक जीत चुकी थी। घटना के दिन सूरज अपनी बहन को अकादमी छोड़ने गया था। दोपहर में अकादमी से फोन कर निशा को घर ले जाने के लिए बुलाया गया। जब धनपति और सूरज अकादमी पहुंचे तो उन पर गोलियां चला दी गईं। जांच में सामने आया कि निशा की पहले ही अकादमी के गेट के पास गोली मारकर हत्या की जा चुकी थी। धनपति को भी गोली लगी जबकि जान बचाने के लिए भागे सूरज का पीछा कर नहर के पास गोली मारकर कत्ल कर दिया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया था कि अकादमी संचालक पवन ने निशा के साथ अभद्रता की थी। इसका विरोध करने पर पूरी वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के अगले दिन ही पुलिस ने सुजाता और अमित को रोहतक से गिरफ्तार कर लिया था। बाद में पवन और सचिन भी पकड़े गए थे।
यह मामला 10 नवम्बर 2021 का है, जब गांव हलालपुर स्थित सुशील कुमार कुश्ती अकादमी में राष्ट्रीय स्तर की महिला (18) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमले में उनकी मां धनपति भी गंभीर रूप से घायल हुई थीं। अदालत में दायर शिकायत अनुसार गांव हलालपुर निवासी धनपति ने बताया था कि उनकी बेटी निशा अकादमी में कुश्ती का प्रशिक्षण लेती थी। निशा ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में रजत पदक जीत चुकी थी। घटना के दिन सूरज अपनी बहन को अकादमी छोड़ने गया था। दोपहर में अकादमी से फोन कर निशा को घर ले जाने के लिए बुलाया गया। जब धनपति और सूरज अकादमी पहुंचे तो उन पर गोलियां चला दी गईं। जांच में सामने आया कि निशा की पहले ही अकादमी के गेट के पास गोली मारकर हत्या की जा चुकी थी। धनपति को भी गोली लगी जबकि जान बचाने के लिए भागे सूरज का पीछा कर नहर के पास गोली मारकर कत्ल कर दिया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया था कि अकादमी संचालक पवन ने निशा के साथ अभद्रता की थी। इसका विरोध करने पर पूरी वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के अगले दिन ही पुलिस ने सुजाता और अमित को रोहतक से गिरफ्तार कर लिया था। बाद में पवन और सचिन भी पकड़े गए थे।

